How to study smart - topper kaise bane

How to study smart - topper kaise bane-
student ज्यादा क्या सोचते रहते है - Student यह  सोचने में  ज्यादा से ज्यादा  time निकाल देते है कि मै  क्या पढू और  क्या ना पढू ??? रात को नींद नहीं ले पाया नींद आ रही है पढ़ाई नहीं हो रही  मै क्या करूं। कुछ  लोग तो कॉलेज जाने के लिए बोलते हैं जाना है कि नहीं जाना है थोड़ी देर बाद जाता हूं एक  lecture  के बाद जाता हू  ऐसा करते-करते कॉलेज  जाने  में  भी लेट हो जाते हैं। खुद से competition Exam  की तैयारी में भी ऐसे बोलते  हैं रेलवे का Exam  दे देते हैं और SSC का  रहने  देते हैं। ऐसा हर एक  के साथ  में होता है जरुरी नहीं है कि  college life   के  लड़कों के साथ ही  होता है सबके साथ ऐसा ही होता है चाहे वो 10 class का student हो या 12 class का  तो फिर आपको क्या करना चाहिए ...  ??

पहले तो आपको अच्छी नींद लेना है 6 से 7 घंटे डेली सोना है सोने से आदमी का mind tension free हो जाता है।  दोस्तों जरूरी नहीं है की दिन में 5से 6  घंटे पढ़ाई करो एक साथ सभी BOOK  लेकर बैठ गए बस पढ़ना स्टार्ट ऐसे पढ़ाई नहीं होती है। दोस्तों आपको एक दिन पहले  decide  करना है कि मेरे को अगले दिन क्या-क्या पढ़ना है। How to study smart - topper kaise bane

क्या करू और क्या ना करू -

अब इसके बाद यह सोचने में कुछ time निकाल दो कि यार क्या करूं क्या ना करूं। लेकिन अगर  एक से 2 घंटे पढ़ने के लिए बैठते हो  तो उस बीच में कुछ भी नहीं सोचना है सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई पर concentrate करना है।  Problems आ  सकती है  मगर आप  2 घंटे  दीजिए  तो   सही। अगर   हमें   उस   subject   से  related   ज्यादा knowledge नहीं  है  तो Other  स्टूडेंट की  अपेक्षा  चार chapter   की जगह हम दो तीन chapter  पढ़ पाएंगे यही हमारी स्मार्ट  स्टडी है। 10 किताबे  रख  लेने से कि मैं यह पढ़ लेता  हूं  यह पढ़ लेता हूं इसमें मजा नहीं आ रहा है दूसरा वाला देख लेता हूं।दोस्तों  - सिर्फ   किताब   रख   लेने   से  कोई  अगर  विद्वान       बन      जाता     तो Librarian  दुनिया का सबसे बड़ा विद्वान होता क्योंकि उसके पास बहुत  सारी  किताबें होती हैं। तो सिर्फ किताब रख लेने से हम अच्छे स्टूडेंट नहीं बन सकते  उसको पढ़ना भी पड़ेगा  हमें   छोटे  छोटे  से start   करना पड़ेगा। और पढ़ी हुई चीज याद भी रहे उसके लिए हमें पढ़ाई के समय free होकर पढ़ना पड़ेगा। 

अगर हम आज रात में पढ़ रहे हैं तो हम कल क्या-क्या पढ़ेंगे इसके लिए  2 मिनट दीजिए उस चीज के ऊपर कि मुझे कल यह यूनिट या कौन कौन सा toppic  ख़तम  करना है।  एक दो चीज रह  भी जाए तो कोई बात नहीं हमें  हमेशा एक छोटा सा टाइम टेबल बनाना चाहिए।  बड़ा  टाइम टेबल किसी का नहीं चल पाया ना मेरा ना आपका और ना ही उन topper  student  का हर रोज का टाइम टेबल छोटा सा बनाइये हमें अगले दिन क्या क्या study  करना है। यह 2  मिनट अगले दिन का 1 घंटा  बचा लेगा I AM SURE आपको कुछ ना कुछ बात समझ में आई होगी। ऐसा करने से Effectiveness study हो सकती है 4 घंटा टाइम west करने की वजह से हम एक घंटा ही पढ़ाई करें आप 1 से 2 घंटे ही पढ़े लेकिन सही से पढ़ें मन लगा के पढ़े।  मान लीजिए आप 2 घंटे पढ़ने के लिए बैठते हैं और उसमें एक घंटा यह सोचने में निकाल देते हैं कि यार अभी नहीं बाद में पढ़ता हू उधर जाना है शाम को यह काम  करना है पढ़ाई के समय  आपको ऐसा कुछ नहीं सोचना।  2 घंटे पढ़ाई करना है मतलब केवल पढ़ाई करना है इधर उधर की बातें कोई भी नहीं आनी चाहिए बीच में फिर बोलोगे यार 2 घंटे पढ़ा है उसमें भी कुछ भी नहीं याद है। आपका एक घंटा तो इसमें निकल गया कि क्या करूं क्या ना करूं। हम  रास्ता भटक रहे हैं हम अपने आप को गलत दिशा में ले जा रहे हैं।


एक छोटी सी कहानी जरूर पढ़े :- दो लड़के थे  एक का नाम था  राम और दूसरे का श्याम  उन दोनों को एक एक आरी दी जाती है और उनके सामने एक पेड़ होता है और उनको कहा जाता है की तुम्हारे पास पांच घंटे है इस पेड को काटने के लिए।  सबसे पहले राम को कहा जाता है राम कहता है की मै  एक मिनट भी बर्बाद नहीं करना चाहता और वो उस पेड को काटने लगा लगातार उसने 5  घंटे तक पेड को काटा लेकिन नहीं काट पाया वापस आया बोला गुरूजी बहुत मेंहनत का काम है मुझसे यह पेढ 5 घंटे में नहीं काटेंगा अभी तक मै इसे आधा भी नहीं काट पाया मैंने एक मिनट भी west  नहीं किया इस पेढ  को काटने के लिए। 10 घण्टे चाहिए इस पेढ को पूरा काटने के लिए।  अब श्याम को बोला गया तुम भी शुरू करो, श्याम वहा से गायब था कुछ समय बाद आया गुरु जी ने पूछा कहा गए थे श्याम ने कहा 3 घंटे मै अपनी आरी को धार दे रहा था और 1 घंटे में मैंने पेढ को काट दिया। तो दोस्तों अगर आप दिन में 4 घंटे किताब लेकर पढ़ने बैठते होऔर बस पन्ने पलटते रहते हो तो आपको एक घंटे पढ़ने जितना भी याद नहीं हो पायेगा।

अगर आपको सफल होना है तो अपने लक्ष्य पुरे करने की आदत बनाइये न की उन्हें बार बार बदलने की अगर आपका अपने लक्ष्य व पढ़ाई के प्रति दृढ़ निश्चय नहीं है तो आपके confidence label का गिरना तय है।

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