Akbar birbal story in hindi अकबर बीरबल की कहानी हिंदी में - Dear Hindi- Meaning in Hindi

1/23/2022

Akbar birbal story in hindi अकबर बीरबल की कहानी हिंदी में

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अकबर बीरबल की कहानी


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एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा- बीरबल जरा बताओ तो उस दुनिया में किसकी संख्या अधिक है, जो देख सकते हैं या जो अंधे हैं? 

बीरबल बोले, इस समय तुरंत तो आपके इस सवाल का जबाब देना मेरे लिए संभव नहीं है लेकिन मेरा विश्वास है की अंधों की संख्या अधिक होगी बजाए देख सकने वालों की।बादशाह ने कहा- तुम्हें अपनी बात सिद्ध करके दिखानी होगी, बीरबल ने भी खुशी-खुशी बादशाह की चुनौती स्वीकार कर ली। 

अगले दिन बीरबल बीच बाजार में एक बिना बुनी हुई चारपाई लेकर बैठ गए और उसे बुनना शुरू कर दिया, उसके अगल-बगल दो आदमी कागज-कलम लेकर बैठे हुए थे। 

थोडी ही देर मे वहां भीड़ इकट्‍ठी हो गई, यह देखने के लिए कि यहां हो क्या रहा है। वहां मौजूद हर व्यक्ति ने बीरबल से एक ही सवाल पूछा- बीरबल तुम क्या कर रहे हो? बीरबल के अगल-बगल बैठे दोनों आदमी ऐसा सवाल करने वालों का नाम पूछ-पूछ कर लिखते जा रहे थे, जब बादशाह के कानों तक यह बात पहुंची कि बीच बाजार बीरबल चारपाई बुन रहे हैं, तो वो भी वहां जा पहुंचे और वही सवाल किया- यह तुम क्या कर रहे हो?

 कोई जबाब दिए बिना बीरबल ने अपने बगल में बैठे एक आदमी से बादशाह अकबर का भी नाम लिख लेने को कहा, तभी बादशाह ने आदमी के हाथ में थमा कागज का पुलिंदा ले लिया उस पर लिखा था- 'अंधे लोगों की सूची'बादशाह ने बीरबल से पूछा इसमें मेरा नाम क्यों लिखा है?

बीरबल ने कहा 'जहांपनाह, आपने देखा भी कि मैं चारपाई बुन रहा हूं, फिर भी आपने सवाल पूछा कि- मैं क्या कर रहा हूं। बादशाह ने देखा उन लोगों की सूची में एक भी नाम नहीं था जो देख सकते थे, 

लेकिन अंधे लोगों की सूची का पुलिंदा बेहद भारी था। 

बीरबल ने कहा- हुजूर, अब तो आप मेरी बात से सहमत हो गए होंगे की दुनिया में अंधों की तादाद ज्यादा है। बीरबल की इस चतुराई पर बादशाह मंद-मंद मुस्करा दिए।

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Akbar birbal story English and Hindi
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One day Emperor Akbar asked Birbal- Birbal, tell me who is more in that world, who can see or who are blind?
एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा- बीरबल जरा बताओ तो उस दुनिया में किसकी संख्या अधिक है, जो देख सकते हैं या जो अंधे हैं? 

Birbal said, at this time it is not possible for me to answer your question immediately, but I believe that the number of blind will be more than those who can see. Happily accepted the challenge of the emperor.
बीरबल बोले, इस समय तुरंत तो आपके इस सवाल का जबाब देना मेरे लिए संभव नहीं है लेकिन मेरा विश्वास है की अंधों की संख्या अधिक होगी बजाए देख सकने वालों की।बादशाह ने कहा तुम्हें अपनी बात सिद्ध करके दिखानी होगी, बीरबल ने भी खुशी-खुशी बादशाह की चुनौती स्वीकार कर ली। 

The next day Birbal sat down in the beach market with an unwoven cot and started weaving it, with two men sitting next to him carrying paper-pens.
अगले दिन बीरबल बीच बाजार में एक बिना बुनी हुई चारपाई लेकर बैठ गए और उसे बुनना शुरू कर दिया, उसके अगल-बगल दो आदमी कागज-कलम लेकर बैठे हुए थे। 

Within no time a crowd gathered there to see what was happening here. Everyone present there asked Birbal the same question- Birbal what are you doing?
थोडी ही देर मे वहां भीड़ इकट्‍ठी हो गई, यह देखने के लिए कि यहां हो क्या रहा है। वहां मौजूद हर व्यक्ति ने बीरबल से एक ही सवाल पूछा- बीरबल तुम क्या कर रहे हो? 

Both the men sitting next to Birbal were asking and writing the names of those who asked such a question, when it reached the ears of the emperor that Birbal was weaving cots in the middle market, then he also reached there and asked the same question. - What are you doing?

बीरबल के अगल-बगल बैठे दोनों आदमी ऐसा सवाल करने वालों का नाम पूछ-पूछ कर लिखते जा रहे थे, जब बादशाह के कानों तक यह बात पहुंची कि बीच बाजार बीरबल चारपाई बुन रहे हैं, तो वो भी वहां जा पहुंचे और वही सवाल किया- यह तुम क्या कर रहे हो?

 Without giving any answer, Birbal asked a man sitting next to him to write down the name of Emperor Akbar as well, when the emperor took the bundle of paper in the man's hand, it was written on it - 'List of blind people' Badshah asked Birbal Why is my name written in it?
कोई जबाब दिए बिना बीरबल ने अपने बगल में बैठे एक आदमी से बादशाह अकबर का भी नाम लिख लेने को कहा, तभी बादशाह ने आदमी के हाथ में थमा कागज का पुलिंदा ले लिया उस पर लिखा था- 'अंधे लोगों की सूची'बादशाह ने बीरबल से पूछा इसमें मेरा नाम क्यों लिखा है?

Birbal said, 'Jahanpanah, even though you saw that I was weaving a cot, you still asked the question - what am I doing. The emperor saw that there was not a single name in the list of those who could see,
बीरबल ने कहा 'जहांपनाह, आपने देखा भी कि मैं चारपाई बुन रहा हूं, फिर भी आपने सवाल पूछा कि- मैं क्या कर रहा हूं। बादशाह ने देखा उन लोगों की सूची में एक भी नाम नहीं था जो देख सकते थे, 

But the list of blind people was very heavy.
लेकिन अंधे लोगों की सूची का पुलिंदा बेहद भारी था। 

Birbal said- Huzoor, now you must have agreed with me that there are more number of blind people in the world. The emperor smiled softly at this cleverness of Birbal.
बीरबल ने कहा- हुजूर, अब तो आप मेरी बात से सहमत हो गए होंगे की दुनिया में अंधों की तादाद ज्यादा है। बीरबल की इस चतुराई पर बादशाह मंद-मंद मुस्करा दिए।

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