iso ts 16949 in hindi IATF 16949 kya hota hai

Iso ts 16949 in hindi IATF 16949 kya hota hai  

ISO/TS:- iso ts 16949 in hindi IATF 16949 kya hota hai  
iso ts 16949 in hindi iatf kya hota hai;iatf 16949-2016 hindi

ISO/TS का full form International Standardaization Organization / Technical Specification होता है। ISO/TS 16949 एक ISO Technic है जिसका उद्देश्य Quality management system में लगातार सुधार और विकास प्रदान करना है।

यह Defects को कम करता है और Automotive industry में wastes को कम करता है।  यह ISO 9001 standard के Base पर आधारित है और इसका पहला संस्करण जून 1999 में ISO/TS 16949:1999 के रूप में प्रकाशित हुआ था।

यह International Automotive Task Force (IATF) और ISO की Technical Committee द्वारा तैयार किया गया था। 

3 अक्टूबर 2016 में IATF ने IATF 16949:2016 प्रकाशित किया और ISO/TS 16949 को हटा दिया गया मतलब अब ISO/TS 16949 अब बन चूका है IATF 16949.

Automotive industry में Organizations के लिए Quality Management System की जरूरतों को define करते हुए ISO/TS 16949 को replace करके IATF 16949 में convert कर दिया गया है। 

IATF 16949:2016:- यह latest Quality management system है Automotive industry के लिए ISO/TS से जब इसे IATF में convert किया गया था तब इसमें कुछ changes किये गए थे जिन्हे आपको जानना जरुरी है। 

IATF 16949:2016 एक common quality management system है automotive industry के लिए जिसका Base जो बनाया गया है इसमें ISO 9001:2015 को लिया गया है इसके अलावा  ISO/TS से काफी सारे Materials को लिया गया है। 

 इसके अलावा Italian standard जो है AVSQ, french standard EAQF और  Us का  standard QS-9000 इसके अलावा  Germany का  VDA 6.1 standard,uk का SMMT standard  इन सब के materials को लिया गया है IATF 16949:2016 में। 

ISO/TS 16949 और IATF 16949:2016 क्या अलग है दोनों में:- 
ISO/TS 16949 में 8 clauses होते है जब की IATF 16949 में 10 clauses होते है और ISO/TS को ISO 9001:2008 के base पर बनाया गया था जब की IATF को ISO 9001:2015 के base पर बनाया गया था। ये कुछ बदलाव है जो किये गए है। 

 IATF 16949:2016 का लक्ष्य क्या है
1-लगातार quality में सुधार करना है। 
2-Defect को पहचानना और निवारण करना।  
3- organization में ऐसे product प्रदान करना जो customers को satisfy करे।

जाने fsssai क्या होता है ?
IATF 16949:2016 Quality management system के five core tools होते है। 

Vernier Caliper और micrometer क्या होता है

Vernier Caliper और micrometer क्या होता है  definition, इसका least count 0.02 mm or .001 (inch)होता है training,ppt,pdf dial difinition   alpatmank experiment  observation excercise
vernier caliper - चाहे छोटी चीज हो या बड़ी चीज इन्हे measure करने के लिए हमें किसी न किसी instrument की जरुरत पड़ती है और इन्हे मापने के लिए कोई न कोई instrument बनाया गया है जिनमे से vernier कैलिपर एक है यह एक ऐसी device है जिसमे किसी भी object को measurement किया जा सकता है।

Vernier Caliper (वर्नियर कैलिपर) का use - Height (ऊंचाई) को measure  करने के लिए diameter (व्यास) को measure करने के लिए और depth (गहराई) को measurement करने के लिए use किया जाता है।  इसमें हम दो scale के बीच का जो अंतर होता है उसके base पर हम इसको measurement करते है।  इसका least count 0.02 mm or .001"(inch) होता है। यानी हम Vernier Caliper से कम से कम 0.02 mm or 0.001"(inch) की reading को measurement कर सकते है। parts of vernier caliper and its uses.formula of scale pdf ppt dial scale.vernier caliper use in hindi, scale in inch and video in hindi.diagram and difinition experiment  observation excercise
Vernier Calipers के main components:-
 main scale , vernier  scale , depth measuring bar, measuring jaws

vernier caliper

Vernier Calipers का diagramvernier caliper diagram

alpatmank,lestcount,verniercaliper,scale,depth,measurement,mainscale

Img src: wikipedia

1. outside jaws (किसी वस्तु की  मोटाई को measure करने के  लिए)
2. inside jaws (किसी वस्तु के अंदर की गहराई को measure  करने के लिए)
3. depth probe (किसी वस्तु की गहराई को measure करने के लिए)
4. main scale(इसमें cmमें रीडिंग ली जाती है)
5. main scale(इसमें inch में रीडिंग ली जाती है)
6. vernier scale (इसमें cm में रीडिंग ली जाती है)
7. vernier scale (इसमें inch में रीडिंग ली जाती है)
8. retainer (आगे पीछे arjest  करने के लिए)

Vernier Calipers का list count कैसे निकाला जाता है :-

 Vernier Caliper की जो 50 readings होती है वो 49 main scale की reading के बराबर होती है। तब Vernier Caliper  का list count होगा ,

(1 main scale reading=1 mm )
(1 Vernier scale reading =49/50 mm=0.98 mm)

least count =1 main scale reading -1 Vernier scale reading
तो finally हमारा  least count  होगा।

least count =1 mm- 0.98 mm 
least count =0.02 mm (यह Vernier Caliper का least count होता है )
parts of vernier caliper and its uses vernier caliper use in hindi, scale in inch anc video in hindi aur diagram and difinition. formula of scale pdf ppt dial scale experiment  observation excercise
 Vernier Caliper पे reading कैसे लेते है :-
Example 

alpatmank,lestcount,verniercaliper,scale,depth,measurement,mainscale

Vernier Caliper की reading लेने के लिए हमें एक formula का use  करना पड़ता है।

Dimension measured = main scale reading➕(vernier scale reading ❌ least count )

 यहा पर main scale की reading 24mm vernier scale  की reading 35mm  और least count 0.02 है। 

Dimension measured =24 mm + (35 mm0.02 mm)

Dimension measured = 24 mm + 0.7 mm

यह हमारे component की Final reading है  = 24.7 mm

Digital vernier caliper images-
Digital वर्नियर कैलिपर-आजकल  इसका उपयोग बहुत ही ज्यादा किया जाता है क्योकि digital vernier caliper में किसी भी वस्तु का Measurement accurate और बहुत ही जल्द पता चल जाता है और इसमें किसी भी छोटी से छोटी वस्तु का  measurement  किया जा सकता है। 


Digital vernier caliper,Digital vernier,Digital vernier caliper image

Digital vernier caliper-


vernier caliper images,vernier,caliper,caliper images

what is micrometer? micrometer क्या होता है ?


Micrometer क्या होता है ?-

Micrometer जैसे  की नाम से ही पता चलता है Micro मतलब अति सूक्ष्म  छोटे से भी छोटी चीज को इसके द्वारा मापा जा सकता है। micrometer से हम 0.1mm से 100 गुना कम की माप को  भी माप सकते है।  

Micrometer  का उपयोग :-

माइक्रोमीटर का उपयोग  किसी भी small object कि लम्बाई (length) व्यास (diameter) और मोटाई (thickness) को measure करने के लिए उपयोग किया जाता है और यह Nut and Bolt के सिद्धांत पर काम करता है और इसका least count (कम से कम reading को आसानी से माप सकता है) 
0.01 mm OR 0.001 cm होता है। circular scale में  100 mm की होती है। 


Micrometer (Screw Gauge) Theory :- 

अगर हमारे पास कोई भी पतली शीट है तो हम उसकी मोटाई  भी निकाल सकते है। किसी पेपर की कितनी मोटाई है यह पता कर सकते है इसके लिए हमें screw gauge की जरुरत पड़ेगी इसे micrometer भी कहते है। 
इसका नाम screw gauge क्यों है। gauge मतलब किसी चीज का diameter या वो कितना मोटा है इसको नापना और screw का मतलब हुआ इसकी जो बनावट है screw के जैसी है तो इसका पूरा नाम हुआ screw gauge.

किसी भी object की thickness निकालने के लिए हमें किन किन चीजों की आवश्यकता होगी ?-

पहला screw gauge की जरुरत होगी। दूसरा जिस चीज की हमें thickness निकलना है और तीसरा मीटर स्केल। 

माइक्रोमीटर (screw gauge) के स्क्रू को जब clock wise घुमाया जाता है तब यह आगे की तरफ जाता है और जब इसे anti clock wise घुमाया जाता है तब यह पीछे की तरफ जाता है। micrometer में जो चुडिया बनी हुई होती है वो पास पास होती है और इन सभी के बीच का space एक बराबर होता है। इन दो चूडियो के बीच का जो ऊपरी सिरे का जो अंतराल होता है उसे हम इन दोनों के गैप को हम चूड़ी अंतराल कहते है या इसे pitch भी कहते है। 

जब हम circular  स्केल को  पूरा एक चक्कर घुमाते है (clockwise or anti clockwise ) तो यह। 0.5 mm से 1 mm आगे या पीछे की तरफ जायेगी। circular scale में 0 से 100 तक mark बने हुए होते है इसका मतलब इस circular scale पर 100  division होते  है।

आमतौर पर मिलीमीटर (mm) में मापा जाता है। एक स्क्रू गेज (screw gauge) की पिच 0.5 मिमी या 1 मिमी हो सकती है। स्क्रू गेज की पिच के according  0.5 mm या 1 mm हो सकता है  तब सर्कुलर डिवीजन की संख्या 50 डिवीजन या 100 डिवीजन हो सकती है।

जब हम circular  स्केल को  पूरा एक चक्कर घुमाते है तो जितना distance liniar scale आगे या पीछे जाती है उसे कहतें है पिच। या कह सकते है चूडियो के बीच की दूरी पिच कहलाती है। हमारे पास जो screw gauge है इसमें दो चूडियो के बीच की दुरी 1mm होती है। circular  स्केल को 100 parts में divide किया गया है।

 जब हम इसको पूरा एक चक्कर घुमाते है तब यह 1mm आगे या पीछे जाता है। इसका मतलब ये हुआ इसका least काउंट  1 mm का 100  वा हिस्सा या 1 /100  मतलब 0.01 mm  होता है।

least count =  1 /100 =  0.01 mm 

यदि इसको आधा चक्कर घुमाते है तब यह 0.5 mm आगे या पीछे जाता है। इसका मतलब ये हुआ इसका least काउंट  0.5 mm का 50   वा हिस्सा या 0.5 /50  मतलब 0.01 mm  होता है।

least count =  0.5 /50 =  0.01 mm    

Micrometer के main components :-
1- Sleeve  ( इसके ऊपर main scale होता है )
2- Lock nut (reading लेने से पहले lock nutका use किया जाता है ताकि वह हिले नहीं )
3- Spindle (यह माइक्रोमीटर में right  side में लगी हुई होती है और यह  left और right की तरफ move करता है )

4- Anvil (यह माइक्रोमीटर में left side में लगी हुई होती है और यह एक जगह fix होती है )
5- Frame (यह माइक्रोमीटर का frame होता है इस frame से सभी components जुड़े होते है )
6- Thimble (यह sleeve के साथ में जुड़ा होता है और इसमें circular scale होता है और  circular scale में  50 mm की scale होती है )
7- Ratchet stop ( यह spindle को move करने के काम आता है)

alpatmank,lestcount,micrometer,scale,depth,measurement,mainscale

Micrometer का least count कैसे निकाला जाता है? 
    जब thimble को आधा चक्कर घुमाया जाता है  तब spindle 0.5mm आगे जाता है। इसे हम pitch बोलते है। तब circle scale पर division की संख्या 50mm होगी । 

    Least count का formula  होता है
    Least count = pitch of the micrometer / number of division on circle scale
    Least count = 0.5/ 50 = 0.01mm यह micrometer का least count होता है। 

    जब  thimble को पूरा एक चक्कर घुमाया जाता है तब spindle 1mm आगे जाता है तब circle scale पर division की संख्या  100 mm होगी  । तब इसका Lest count 0.01 होगा। 

     Least count = 1/ 100 = 0.01mm होता है।

    कम गिनती = 0.5 / 50 या 1/100 = 0.01 mm  या 0.001 cm होगी।

    माइक्रोमीटर की reading कैसे लेते है ?- 

    Micrometer की  Reading के लिए  FORMULA होता है
    Dimensions  measured = Main scale reading +(Thimble scale reading 🗙 Least count)

    हमें Micrometer में किसी भी रीडिंग को Measure करने के लिए इसी Method का उपयोग करना पड़ेगा। 

    micrometer  kya hota hai


    यहाँ पर हम spindle और anvil के बीच एक छोटे से component को रखते है और thimble की मदद से इसे सेट करते है और lock nut की मदद से इसे lock करते हैतब हमें  main scale कि reading (5+0.5) यानी की हमारे  main reading है 5.5 mm . thimble scale की reading है 28 mm. इस reading को हम formula में सेट करेंगे। Vernier Caliper और micrometer क्या होता है  experiment  excercise observation

    Dimensions  measured  = main scale reading + (thimble scale reading 🗙 least count)

    Dimention  measured  = 5.5mm +(28mm 🗙 0.01mm)

    Dimention  measured = 5.5mm+ (0.28mm)

    Final Dimention  Reading = 5.78 MM ये हमारे component की final reading होगी।

    What is 5s? 5s kya hota hai

    what is 5s? 5s kya hota hai 5s in hindi 5 एस क्या है ppt and pdf and training 5s,counting, fullform posters free download,क्या हिन्दी में 5 एस है 
    5s का अर्थ क्या है ?
    5s एक जापानी विचारधारा (technic) है - जिसके अंतर्गत Management तथा Employee के सहयोग द्वारा अपने कार्यस्थल,मशीन,उपकरण आदि के अच्छे रख-रखाव एवं सुरक्षित रहकर कार्य करना 5s कहलाता है। मुख्यतः  5s  workstation  में व्यवस्था  स्थापित करने तथा व्यवस्थित रख रखाव के लिए एक विचारशील मार्ग स्थापित करना है।  इसे क्रमशः 5 चरणों में प्राप्त किया जा सकता है।  counting in hindi 

    what is 5s, 5s kya hota hai,5s in hindi,5s posters,dearhindi.com

    5s के 5 steps इस प्रकार है।   counting in hindi 


    japani language में - seire,  seiton,  seiso,  seikets,  shitsuke
    English language में - 
    1s - sort in hindi posters and training pdf and ppt.
    2s - set in order 
    3s - shine  housekeeping ppt in hindi formate.
    4s - standardize meening and posters free download full form
    5s - sustain
      हिंदी language में -
      1s- छंटाई 
      2s- यथास्थान (व्यवस्थित रख रखाव ) 
      3s- सफाई 
      4s- सही मानकीकरण  
      5s- स्व-अनुशासन 
      Short- जो भी काम का है उसे अपने पास रखे बाकी सब हटा दे।
      Set in order- सभी चीजों की जगह और सभी चीज अपनी जगह पर होनी चाहिए।
      Shine- उस क्षेत्र की सफाई जहां आप जरुरत की चीजे रखते हैं।
      Standardize- नियमों का पालन करें और उन्हें लागू करें उस जगह का क्या नाम है उसे एक नाम दे।
      Sustain- इसे हर दिन दोहरायें और आदत बना ले।
      • 1s- SHORT छंटाई -

      जितना use में उपयोगी हो उतनी ही वस्तु अपने पास रखे जो use की नहीं है उसे अलग करके रखे। जितना जरुरी हो उतना ही सामान मगवाये।अपने आस पास नजर डाले और तय करे की कौन  सा सामान आपके लिये उपयोगी है और कौन  सा आपके काम का नहीं है। अनावश्यक वस्तुओ से ना ही सिर्फ Work workstation गन्दा  होता है बल्कि जरुरी वस्तुओ का समय पर मिल पाना उनकी संख्या का अनुमान लगाना काफी मुश्किल हो जाता है।क्या आपको अपने कार्य स्थल के बारे में अभिमान है। हमारे अन्दर चीजो को जमा करने व  रखने की आदत होती है। कुछ ऐसी चीजे हमारे पास होती है जिसकी जरुरत हमें उस समय नहीं होती है जिससे सही से काम करने में problems होती है। इन वस्तुओ को छटाई  करने के लिये पहले उन वस्तुओ को पहचानना और उनकी सूचि बनाना पड़ेगा क्या आपको इन वस्तुओ की आवस्यकता है यदि किसी को भी इन वस्तुओ की आवस्यकता नहीं है तो वास्तव ने वे अनावश्यक है।  हमें ये पता लगाना है की हमें किसकी जरुरत है और किसकी जरुरत नहीं है। 

      1. उपलब्ध स्थान का प्रभावित उपयोग करे। 
      2. उन्ही वस्तुओ को इकठ्ठा करे जिनकी आवश्यकता हो। 
      3. अवांछित वस्तुओ को हटा दे। 
      4. लाल tag प्रणाली का उपयोग करे। 

      5s in hindi 

      -What is Quality and Quality policy in hindi
      1. 2s- SET IN ORDER यथास्थान (व्यवस्थित रख रखाव )-
      सभी वस्तुओं के लिए जगह होनी चाहिए और सभी वस्तुए अपनी अपनी जगह पर होना चाहिए। सभी वस्तुओ के लिये स्थान निर्धारित करे तथा सभी वस्तुओ को  निर्धारित जगह पर रखे  वस्तुए निर्धारित जगह पर होने से उन्हें उपयोग में लाने के लिये कम समय लगता है। हर चीज के लिए अपनी एक जगह होनी चाहिए और हर चीज उपयोग करने के बाद अपनी उसी जगह पर होनी चाहिए। चीजो को व्यवस्थित रूप से सही जगह पर रखने से आपका काम आसान होगा बल्कि आपका Area  भी साफ़ सुथरा दिखाई देगा। जैसे बड़ी चीजो के लिए अलग जगह छोटी चीजो के लिए अलग जगह। चीजो को ऐसे रखे जिसे उपयोग करने में आसानी हो।

      1. सभी वस्तुए आसानी से मिल सके। ppt and pdf
      2. साइनबोर्ड का  उपयोग करे।
      3. सभी चीजों के लिए जगह और सभी चीज अपनी जगह पर रखे।


      • 3s- SHINE सफाई -

      अपने कार्य स्थल, मशीनो  तथा उपकरणों को बिलकुल साफ़ रखना चाहिए। मशीनों तथा floor की साफ़ सफाई में अगर कोई भी दरार या leakage दिखाई दे तो उस पर तुरंत Action लेना चाहिए ऐसी problems को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मशीन और उपयोग में आने वाले उपकरण व अपना Area समय समय पर साफ़ करना चाहिए। सफाई महत्वपूर्ण है लेकिन उस समय नहीं जब मशीन चल रही हो। क्या आप मशीन को उसी समय check व साफ़ करते है जब वह काम करना बंद कर देती है। मशीनों की सफाई व जांच के लिए एक नियमित समय रखना चाहिए।

      1. हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी स्वयं निभाना चाहिए।
      2. काम के स्थान पर साफ़ -सफाई रखे। counting aur hindi 5s picture
      3. problems को पहचाने और उसे सही समय पर उसपर काम शुरू करे।
      • 4s- STANDARDIZE सही मानकीकरण  -
      प्रथम 3 s का प्रतिपालन  सुनिश्चित करना एवं उपयुक्त नियमो का पालन करना। पहले 3 s का standard बनाना हर department से एक व्यक्ति को इसकी जिम्मेदारी सौपना और समय समय पर उसे check करना की पहले 3 s का प्रतिपालन हो रहा है या नहीं।

      अच्छी Houseekiping की आदत बनाय  रखे अगर हमें अच्छे मापदण्ड कायम करने है। और इसके लिये प्रयत्न आवश्यक है, यदि हम अच्छी देख भाल नहीं करते है तो हमारा कार्यस्थल अविकसित हो सकता है।

      हम अपने कार्यस्थल पर हर रोज 8 से 10 घंटे बिताते है क्या हम अपने आपको सुरक्षित और खुश पाते है।काम की देखभाल और सफाई आवश्यक होती है और इस तरह हम अपने कार्य स्थल में सुधार ला सकते है और अपने future को आसान बनाते है। yaha par pdf,ppt,training,housekeeping and fullform of 5s.
      1. इन प्रक्रियाओ को लगातार करना है। 
      2. काम में अधिक से अधिक लोगो को involve होना चाहिए। 
      3. हर काम जो हम करते है उसकी एक check sheet बनानी चाहिए। 
      • 5s- SUSTAIN स्व-अनुशासन -


      प्रत्येक कार्य करते समय,अनुशासन सहित निर्धारित नियमो का पालन करना चाहिए।  Example के लिये प्रत्येक कार्य को निर्धरित समय एवं कार्य प्रणाली के अनुसार कार्य करना, सुरक्षा नियमो का पालन करना,सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करना इत्यादि। 

      हमें अपने वा management के नियमो का पालन करना चाहिए। अच्छी housekeeping के लिये ये आवश्यक है की हम प्रयास करे और उसकी कीमत को समझे और ये अपने आप पर निर्भर करता है।  ये जिम्मेदारी अधिक कार्य करने में ज्यादा महत्व रखती है।  हम जो काम करते है वो काफी नहीं होता हमें चाहिए की हम दूसरे व्यक्तियों का साथ दे और साथ मिलकर काम करे। 

      1. आत्म अनुशासन बनाय रखे। "counting in hindi picture"
      2. Teamwork और अनुशासन के माध्यम से लक्ष्यो को पूरा करे। 
      3. सभी कर्मचारियों को प्रशिछण दे। 
      4. 1s-2s-3s-4s लगातार दोहराये।

      5s को impliment करते समय ध्यान में रखे इन बातो को - 

      5s को क्रम में impliment करना चाहिए कोई भी व्यक्ति 2s या 3s को करने के बाद में पहले 1s को प्रारम्भ नहीं कर सकता है। यदि किसी company में store department में 5s करना चाहते है तो वहा पर system ऐसा होना चाहिए की आने वाले सामान को रखने की जगह होनी चाहिए। किसी भी confusion से बचने के लिए समय समय पर चेक करते रहना चाहिए। system को मजबूत बनाने के लिए सभी लोगो का सामिल होना बहुत जरुरी है सभी को system से काम करना होगा तभी आप इसे impliment कर सकेंगे। 
      Implimentation कैसे करे -
      Management को लाभ प्राप्त करने के लिए 5s method को impliment करना चाहिए। 5s को अपनाने का decision लेने के बाद इसके बारे में सभी को बताना चाहिए इससे related training देना चाहिए जैसे 5s क्या होता है इसे कैसे impliment किया जाता है इससे क्या लाभ है और इसे नहीं करने से क्या नुकसान या हानि हो सकती है।   इसके बाद में 5s start करने के लिए action plan प्रस्तुत किये जाते है। जैसे - अभी हम किस स्थति में है present time में, हमें कहा पहुंचना है और कैसे impliment करना है। 
      5s कैसे करे -
      1. जिस चीज की हमें जरुरत नहीं है उसे वहा से हटा दे।
      2. सभी चीजों को जगह पर रखना चाहिए और उनके लिए जगह निर्धारित होना चाहिए । चीजों को जगह के अनुसार रखे उन्हें फैलाये नहीं। counting in hindi picture
      3. अपने कार्यस्थान की सफाई करते रहे और दुसरो को गंदा करने से मना करे उन्हें 5s के बारे में बताये।
      4. हमें लगातार इन नियमो का पालन करना चाहिए।
      5s- के लाभ -
      5s पालन करने के कई सारे लाभ है 
      1. कार्य सरल होता है, जिससे employee के कार्य के प्रति रूचि बढती है। pdf and ppt.
      2. प्रत्येक कार्य सुविधापूर्वक एवं सुरक्षित ढंग से होता है, जिससे दुर्घटना की संभावना नहीं रहती।
      3. मिलजुलकर कार्य करने से आपसी भाईचारे में ब्रद्धि होती है। fullform,training,dearhindi.com
      4. कार्य-जीवन में सुधार से employee के मनोवल में ब्रद्धि होती है। posters fullform of 5s download.
      5. उत्पादन की गुणवत्ता में ब्रद्धि होती है।
      6. प्रत्येक के विकास एवं संस्थान की निरंतर प्रगति के लिये 5s अत्यंक आवश्यक अंग है।
      7. महत्वपूर्ण समय बचता है।
      8. wastage और कमियों को आसानी से पहचानने में सहायता करता है।
      9.काम करने के लिए हमें साफ़ सुथरा वातावरण प्रदान करता है।

      5s  ना करने के नुकसान हानि  -
      5s सही तरीके से नहीं करने पर क्या क्या समस्याएं आ सकती है।

      1 असुरक्षित work place मिलता है।
      2 अगर कोई auditor या customer आता है तो वह असंतुष्ट हो सकता है।
      3 किसी भी चीज को खोजने में समय लगता है जिससे काम करने वाले लोगो में तनाव पैदा होता है।
      4 समान सही समय पर नहीं मिलने से बहुत बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

      इन्हे भी पढ़े -

      5s

      5S is a Japanese technique - With the help of management and staff and 5S, keeping a good workplace, machine, equipment etc. it is mainly a thoughtful way to establish a system in 5S workstation and systematic maintenance. It can be obtained in 5 steps, respectively.

      what is 5s

      5 steps of 5s.

      1s - sort  2s - set in order  3s - shine  4s - standardize 5s - sustain
      Implimentation of 5s 
      Management should impliment 5s method to gain profit. After taking a decision to adopt 5s, all should be told about it related to training like 5s, what happens, how it is implied, what is the benefit from it and what can be the loss or loss of it by not doing it. After this, an action plan is presented to start 5s. Like - where we are currently in the present time, we have to reach and tell how to impliment.
      How to do 5s -
      1. Remove the thing that we do not need it.
      2. All things should be kept in place and their place should be determined. Do not spread them according to the place according to the place.
      3. Clean the workspace and refuse to mess others, tell them about 5.
      4. We have to follow these rules constantly.

      Methodology to impliment 5s-

      SHORT WAY of 5s
      Short- Keep whatever you want and remove everything else.
      Set in order- a place for everything and everything in its place.
      Shine-Cleaning the area where you keep the nessesary thing.
      Standardize- make up the rules follow and enforce them.
      Sustain - Do it every day and make a habit. 

      Keep these ideas in mind when applying 5s-

      5s should be implanted in sequence No one can not start the first 1s after doing 2s or 3s. If you want to do 5s in the store department in a company, then there should be a system on it that there should be space to keep the incoming goods. To avoid any confusion, keep checking from time to time. To strengthen the system it is very necessary to join all the people, everyone will have to work with the system only then you will be able to impliment it.

      7 qc tools in hindi

      7 qc tools in hindi seven qc tool kya hota hai ppt and pdf training  posters download quality control kya hota hai presentation in project management
      7 QC tools ek quality control tool hota hai aur ye tool 95% kisi bhi problem ko short out Karne me aur use solve Karne me use Kiya jaata hai. training and pdf,ppt

      7 QC Tools Japan ke Tokio university me professor Ishikawa ne apne Team ke sath milkar 7 QC tools ko banaya hai. Hum isme data ko collect karte  hai use analysis karte hai,identify karte hai, data major karte hai aur root cause findout karte hai.

      Quality control tool 7 types ke hote hai  jinhe hum 7 qc tool ke naam se jante hai.
      SEVEN QC TOOLS in hindi
      7 qc tools hindi,qc posters,check sheet,quality control hindi,seven tools,pdf,ppt,training


      1. Check sheet in hindi and training 
      2. Cause and effet diagram, ishikawa diagram, fishbone diagram. in hindi
      3. Flow chart / satratification chart in hindi and ppt
      4. Histogram  in hindi
      5. Control chart   language ppt in hindi
      6. Pareto analysis in hindi pdf and training 
      7. Scatter diagram in hindi


      Six sigma (6σ)in hindi 
      • 1. Check sheet - Check sheet  in hind
      Check sheet hame count data ko collect karne  me aur organizing karne me hamari help karta hai jisse ki hum aage ki impovement activity ka use aasani se kar paaye. 

      Benefits:-
      1. Data ko collect karne me aasani hoti hai. video in hindi pdf and ppt. with examle application.
      2. Problems ke sourse ko nirdharit karta hai. new 7 quality tools and story and planning.
      3. Data ke sort  banane ke liye. difference between old and new qc tools ppt.

      -What is Quality and Quality policy in hindi
      Example of check sheet:-

      check sheet posters, 7 qc tools in hind, 7 qc tools in hindi language ppt,  7 qc tools training in hindi ppt,  7 quality tool in hindi language,  7 quality control tools pdf in hindi,dearhindi.com
      yah ek check sheet ka example hai yaaha par defects left side me diya gaaya hai. center me par day defect right side me overall weekly defect diya gaaya hai. hum check sheet ka istemaal karte huye har din ka data collect kar sakte hai. 

      Overall defect me hame yah pata chal jaata hai ki is week me kon sa defect kitni baar aaya hai. yah check sheet hame help karta hai data ko collect karne me.
      • 2.Cause and effect diagram.(Cause and effect diagram /Fishbone diagram/Ishikawa diagram Bhi kaha jaata hai) - in hindi

      Cause and effect diagram yah ek root couse analysing ka tool hota hai isme kisibhi problem ko short out kiya jaata hai isme yah pata chal jaata hai ki  problem kis wajah se aa rahai hai. 

       7 qc tools in hind, 7 qc tools posters,images,  7 qc tools training in hindi ppt,  7 quality tool in hindi language,  7 quality control tools pdf in hindi,


      Is diagram me Right side me effect likhte hai aur inke jo causes hai unko upper aur lower side me likhte hai aur cause ko identify karne ke liye 6M ( MAN, MACHIN, MATERIAL, METHOD, MEASUREMENT, MOTHER NATURE) or 4M KA  Istemall kiya jaata hai. YA phir aap isme 4P ka bhi use kar sakte hai ( People, Process, Product, Policy procedures) inhe primary causes kaha jaata hai.

      Fishbone diagran banane ke liye Brainstorming kiya jaata hai Brainstorming karne ke baad me jo causes nikalta hai un causes ko 6M me divide kar diya jaata hai baad me phir validation karke us par root cause identify kiya jaata hai. fishwon digram bahut hi important tool hota hai hame potensial causes identify karne ke liye .



       Benefits:-
      1. Hame problem ke causes ko identify karne me madad karta hai. 
      2. Brainstorming ke relation ko bhi stablish karne me madada karta hai.
      3. Ye hame potential causes ko identify karne me madad karte hai.
      4. Ye teem work system ko laagu karta hai. 

      • 3.Flow Chart/Stratification chart - Flow Chart in hindi /Stratification chart in hindi

        ye kafi important tool hai 7 qc tool ka ye hame kisi process ke seqwens ko samjhne me help karta hai.

        Benefits:-

        1. ye hame process ke improvement ki opportunity ko identify karne me madad karta hai.
        2. process ko samajhne me help karta hai aur agar process me kuch non -value added activities hai usko bhi identify karke improve kar sakte hai.
        3. Employee aur organization ke beech working relationships ko clarify karta hai.
          Flow chart ke symbols -

           7 qc tools in hind,posters,images, 7 qc tools in hindi language ppt,  7 qc tools training in hindi ppt,  7 quality tool in hindi language,  7 quality control tools pdf in hindi,

          Isse hame process ko samajhne me aasani hoti hai aur usme jo hamare defects hai hum unko identify karke us par improvements kar sakte hai.training ppt pdf hindi me dearhindi

          • 4.Histogram in hindi- 



            yah tool data collect karne ke baad me uske distribution ko samajhne ke liye kaam me laaya jaata hai.
            isko jyadatar  (SQC) Statistical Quality Controlme me bhi istemall kiya jaata hai.

            Histogram ka use karne ke liye hamare pass me daata hona chahiye jitna jyada daata hamare pass me rahega to hamara analysis aur utna behtar hoga.

            Example ke liye maan lijiye aapke pass kuch is (heating temp. image)tarah ka moulding machin ka temperature ki reading aapka emplyee la kar deta hai isko dekhne ke baad me hame kuch bhi samaj me nahi aata hai. 

             7 qc tools in hind, 7 qc tools in hindi language ppt, posters,images, 7 qc tools training in hindi ppt,  7 quality tool in hindi language,  7 quality control tools pdf in hindi,

            Ab hum isko samajhne ke liye tools ka istemaal karege. 
            Tools ke istemaal se hame is data ko conclude karne me aur us par action lene me aasani ho jaati hai.

            Sabse pahle hum is data ko sumrise karte hai  ( ⇓pic no-1 ) isme hame ye pata chalta hai ki jo moulding mchin ka temp. hai wo kaha se start ho raha hai. yaha par minimum temp. 200'c hai aur maximum temp.380'c samajhne ke liye liya gaaya hai.

            Hamne 200'c se 380'c data ko 10 range me baat diya 220 to 220, 220to 240 last me 360 to 380 is tarah se isko 10 alag alag temp. me alag kar diya. isse hame yaah pata chalta hai ki kis range ke kitne data aa rahe hai jisse hame ise samajhne me aasani ho. 7qc tool ppt hindi language and pareto chart in hindi.
             7 qc tools in hind, 7 qc tools in hindi language ppt,posters,images,  7 qc tools training in hindi ppt,  7 quality tool in hindi language,  7 quality control tools pdf in hindi,

            Ab iske baad  hum is sumrise  data ko  histogram  me dekhte hai. yaha  par aasani  se  hame pata chal jaata hai ki temperature ka jo range  hai wo 200'c se 380'c ke beech  me hai. yaaha par  lower  specific 200'c aur upper specific 380'c diya hai aur kitne daata point kis range me aaye hai ye bhi hame samaj me aa raha hai. 

             7 qc tools in hind, 7 qc tools in hindi language ppt, posters,images, 7 qc tools training in hindi ppt,  7 quality tool in hindi language,  7 quality control tools pdf in hindi,


            yaha par hame pata chal jaata hai ki machin ka temp. lower side ki taraf jaa raha hai yaa upper side ki taraf jaa raha hai. Ab hame  yah  pata chal   jaata   hai ki hamare machin ki condition kya hai agar temp. hame jitna chahiye utna hai to achhi baat hai agar yah temperature sahi nahi hai  to hum Maction ke temperature sudharne ke liye action le sakte hai.

            5.Control chart - Control chart ih hindi

            Samay- samay par ek prakriya kaise badal jaatee hai, yah pata karane ke liyecontrol chart la istemaal kiya jaata hai.

            6. Pareto analysis ChartPareto analysis Chart in hindi

            Pareto chart data analysing tool hota hai. isme hame pata lagta hai ki hame sabse pahle kon si problem pe kaam karna hai.

            7.Scatter diagram -Scatter diagram in hindi

            Scatter diagram ka use hum do sector ke beech me jo relationship hai use findout karne ke liye use kiya jaata hai.

            इन्हे भी पढ़े -

            poka yoke क्या होता है और Mistake Proofing किसे कहते है जानकारी हिंदी में

            Poka Yoke क्या होता है और Mistake Proofing किसे कहते है जानकारी हिंदी में Mistake Proofing क्यों किया जाता है कैसे किया जाता है और इसके advantage क्या हो सकते है। Poka-Yoka-Kya-Hai

            what is poka yoka? - यह एक जापानी शब्द होता है जिसको introduce किया था  Shigeo Shingo ने यह दो word से मिलकर बना है poka और yoka इसमें poka का मतलब होता है Mistake और yoka का मतलब होता है proofing मतलब mistake proofing or error proofing. 

            poka yoke kya hai hindi

            Mistake Proofing जो है इसमें तीन तरह के एलिमेंट होते है इसमें हम बात करते है awarenese की detection की और prevention करने की और यह गलती हमें अपने customer को defective parts के चले जाने से और अपने employee को injuries होने पर effect करता है। हमें इन सारी चीजों को कम करना होगा। 

            Awareness- Awareness का मतलब होता है हमारे process owner को मालूम होना चाहिए की mistake हो सकता है और mistake होने के in कारणों को अपने लोगो को बताये और हम अपने product और process का design इस तरीके से करे ताकि हम उसको prevent कर सके या detect कर सके। 

            detection - अगर mistake हो गया तो हम उसको पकड़ ले और mistake को customer तक जाने से पहले उसे रोक ले। 

            prevention- इसमें हम mistake को होने से ही रोकते है prevention एसा करते है की problem आने पर उसे detect कर सके और in सारी process के बारे में awareness भी देते है। 

            Poka yoka में होता क्या है?- इसमें हम कुछ ऐसा करते है हमारे process में जो errors आ रही होती है इस error को रोकने का काम poka yoka करता है। या कह सकते है की errors या problem को पकड़ने के लिए हमें poka yoka system-Mistake Proofing का उपयोग करना पड़ता है। 

            Poka yoka example - इसे कई तरह से समझा जा सकता है जैसे examle 

             किसी कंपनी में packaging  के लिए कोई material conware से होते हुए  pack  होने जा रहा होता है और बीच में गलत material conware से होकर चला जाता है और pack हो जाता है।

            इससे बचने के लिए यहाँ पर poka yoke का इस्तेमाल किया जाता है conware पर एक senser लगा दिया जाता है जिससे वह केवल उसी material को आगे पास करता है जिसे senser पर सेट किया गया है अगर यहाँ पर कोई गलत material conware से होते हुए senser तक जाता है तो senser का alarm चालू हो जाता है। 

            जिससे future में गलत material पास नहीं होता है। यह एक अच्छा पोका योका का example हो सकता है। 

            Mistake होने से कैसे बचे -

            Industry में जब किसी employee से गलती हो जाती थी तब उसे डाटा जाता था बाद में उसे motivate किया जाता था और उनसे बोला जाता था की आप carefull काम करो ध्यान से काम करो गलतिया मत करो etc.... लेकिन इससे कुछ काम बनता नहीं था फिर वही mistake हो जाती थी employee से।  

            लेकिन अब mistake से बचने के लिए की mistake हो ही नहीं उस पर काम किया जाता है जैसे - 

            गलती जिस कारण से हो रही है उसे ही समाप्त कर दे अपने system से इसके लिए अपने process को improve करना चाहिए और एसा सिस्टम लगाये की mistake होना ही dificult हो जाए। 

            या फिर आप कुछ एसा सिस्टम वहां पर लाये जिससे उस mistake को detect किया जा सके। 

            simple way में poka yoka का मतलब है - हम अपने process को Mistake Proofing बनाये और आप design इस तरीके से करे ताकि mistake होना ही मुश्किल बन जाए और इसके अलावा आप कुछ एसा करे जिससे mistake को detect कर पाए और सही कर पाए। 

            poka-yoke

            PoKa Yoke is designed in such a way that it is difficult to make a mistake. Besides, You do something that can detect the mistake and correct it.

            Poka-Yoke- को इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है ताकि गलती करना मुश्किल हो। इसके अलावा आप कुछ ऐसा करें जो गलती का पता लगा सके और उसे सही कर सके।
            poka yoke क्या होता है और Mistake Proofing किसे कहते है जानकारी हिंदी में 

            Fssai क्या है ? Fssai full form और पूरी जानकारी हिंदी में

            आज हम जानेगे  Fssai क्या है ? Fssai full form और इसकी  पूरी जानकारी हिंदी में। 
            Fssai licence क्या है?- यदि आप India में Food Related Business शुरु करने की सोच रहे है तो इसके लिए सबसे जरुरी Licence होता है fssai का, Fssai की स्थापना खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम Year 2006 में किया गया है। 
            fssai kya hai hindi,full form, image
            FSSAI-Food safty and standard Authority of India

            इसका शिर्फ़ एक मात्र उद्देश्य खाद्य सामग्री के लिए विज्ञानं पर आधारित मनको का निर्माण करना और खाद्य पदार्थो के Manufacturing Storage Delevry Sale आदि को नियंत्रित करना है ताकि Human consumption के लिए सुरक्षित और सम्पूर्ण खाद्य पदार्थ की उपलब्धी कराना होता है। 

            Fssai full form क्या होता है ?
            Fssai का full form Food Safety Standards Authority of India होता है।  इसको हिंदी में भारत खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण  कहा जाता है। 

            Fssai Resistration no. 14 digit का होता है जो food packate पर printed होता है। 

            इसका Head-quarter NewDelhi में है और ALL india में fssai के 8 office है जो की Delhi, Chandigarh, Lucknow,  gohavti, mumbai, kolkata, kochin and chennai में है। इसके अलावा पुरे देश में 76 laboratory है। 

            Fssai द्वारा किन किन चीजो के लिए licence provide कराती है?  
            fssai खाने वाली हर चीज के लिए licence provide कराती है जैसे - dairy product, शब्जी उत्पाद, मांश उत्पादक नमक और मसाला उत्पाद, पेय पदार्थ और अन्य खाने वाली सभी सामग्री। 

            Fssai licence लेना किसी जरुरी है ?
            अगर आप food से related खाने या पीने वाली चीजो का manufacturing करते है इसके लिए आपको food licence बहुत जरुरी होता है। 

            अगर आप food का transport करते है तब भी आपको इसका licence लेना जरुरी होता है इसके बिना आप food का business या transport नहीं कर सकते है। 

            fssai licence तीन तरह का होता है और यह depend करता है आपके सालाना Turn-over पर।

            1 - पहला licence होता है basic licence यह  licence तब लिया जाता है जब आपकी कंपनी का annual सालाना turn over 12 लाख से कम हो। इसमें आप अपना product पुरे देश में बेच सकते है। 

            2 - दूसरा licence है state licence यह licence तब लिया जाता है जब आपका turn over 12 लाख से 20 करोड़ हो जाता है इसमें आप अपना product पुरे देश में sale कर सकते है। 

            3 - तीसरा होता है central licence अगर आपकी कंपनी का turn over 20 करोड़ से ज्यादा है या आप एक्सपोर्ट और import को deal करते हो तब आपको central licence लेना पड़ता है। 

            कोई भी food related business शुरु करने से पहले fssai licence जरुर ले ले ताकि आप penalty से बच सके। 
            licence लेने के बाद में ही आप अपना business शुरु करे।