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22 January, 2026

26 january speech hindi | 26 जनवरी गणतंत्र दिवस भाषण हिंदी | Republic Day Speech in Hindi

26 जनवरी गणतंत्र दिवस भाषण हिंदी | Republic Day Speech in Hindi


🇮🇳 भाषण 1 : गणतंत्र दिवस का महत्व

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को मेरा सादर प्रणाम। आज हम सभी यहाँ 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह दिन हमारे देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत ने अपना संविधान अपनाया और एक संपूर्ण गणराज्य बना। 🇮🇳


26 जनवरी केवल एक तारीख नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र, समानता और स्वतंत्रता का प्रतीक है। इस दिन हमारे देश ने यह सिद्ध किया कि भारत केवल आज़ाद ही नहीं बल्कि आत्मनिर्भर और स्वशासित राष्ट्र है। संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार दिए, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या वर्ग से संबंधित हो।


हमारे संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनके सहयोगियों ने एक ऐसा संविधान बनाया जो विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इसमें नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी उल्लेख किया गया है। अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन ही एक सशक्त राष्ट्र की पहचान है।


आज के दिन राजपथ पर होने वाली भव्य परेड हमें हमारी सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का दर्शन कराती है। अलग-अलग राज्यों की झांकियाँ यह दिखाती हैं कि भले ही हमारी भाषाएँ, पहनावे और परंपराएँ अलग हों, लेकिन हम सभी भारतीय एक हैं। 🎉


गणतंत्र दिवस हमें यह भी याद दिलाता है कि देश की स्वतंत्रता और लोकतंत्र को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। केवल सरकार या सेना ही नहीं, बल्कि हर नागरिक देश की प्रगति में योगदान देता है। ईमानदारी, अनुशासन और परिश्रम से ही हम अपने देश को आगे बढ़ा सकते हैं।


अंत में, मैं यही कहना चाहूँगा कि हमें अपने संविधान का सम्मान करना चाहिए, अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेना चाहिए। जय हिंद, जय भारत।


🇮🇳 भाषण 2 : संविधान और नागरिक कर्तव्य

माननीय अतिथिगण, आदरणीय शिक्षकगण एवं मेरे प्रिय मित्रों, आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। 26 जनवरी वह ऐतिहासिक दिन है जब भारत ने अपने संविधान को लागू किया और एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना। 🇮🇳


भारतीय संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की आत्मा है। इसमें स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व जैसे मूल सिद्धांत समाहित हैं। संविधान ने हमें बोलने की आज़ादी, शिक्षा का अधिकार और धर्म की स्वतंत्रता दी है।


लेकिन दोस्तों, अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। संविधान में नागरिकों के लिए मौलिक कर्तव्य निर्धारित किए गए हैं, जैसे राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और पर्यावरण की सुरक्षा करना।


आज के समय में एक जिम्मेदार नागरिक वही है जो नियमों का पालन करे, भ्रष्टाचार से दूर रहे और समाज में सद्भाव बनाए रखे। यदि हर नागरिक अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाए, तो देश की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता।


गणतंत्र दिवस हमें यह सिखाता है कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोज़मर्रा के व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए। हमें दूसरों की राय का सम्मान करना चाहिए और देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। 🎉


आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम सभी यह संकल्प लें कि हम सच्चे अर्थों में एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे और भारत को एक मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान देंगे। जय हिंद।


🇮🇳 भाषण 3 : युवाओं की भूमिका

आदरणीय मंचासीन अतिथिगण, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ। आज का यह पावन दिन हमें हमारे गौरवशाली संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाता है। 🇮🇳


भारत एक युवा देश है और हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा पीढ़ी है। युवा ही देश का भविष्य होते हैं। गणतंत्र दिवस हमें यह सोचने का अवसर देता है कि हम युवा देश के लिए क्या कर सकते हैं।


आज के युवाओं को केवल अपने अधिकारों की नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए। शिक्षा, अनुशासन और नैतिकता के माध्यम से युवा देश को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं।


तकनीक, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में भारत के युवा पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन कर रहे हैं। लेकिन इसके साथ-साथ समाज में फैली बुराइयों को दूर करना भी युवाओं की जिम्मेदारी है।


यदि युवा ईमानदारी, मेहनत और देशभक्ति के मार्ग पर चलें, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। गणतंत्र दिवस हमें प्रेरणा देता है कि हम अपने सपनों को देश के सपनों से जोड़ें। 🎉


अंत में, मैं सभी युवाओं से यही कहना चाहूँगा कि अपने संविधान पर गर्व करें और एक सशक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। जय भारत।


🇮🇳 भाषण 4 : एकता में शक्ति

माननीय अतिथियों, आदरणीय शिक्षकों और मेरे प्रिय मित्रों, आप सभी को 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। यह दिन हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है। 🇮🇳


भारत विविधताओं का देश है। यहाँ अनेक धर्म, भाषाएँ और संस्कृतियाँ हैं, फिर भी हम सभी एक सूत्र में बंधे हुए हैं। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।


गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि संविधान ने हमें एकता के सूत्र में बाँधा है। इसमें सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए गए हैं और किसी भी प्रकार के भेदभाव को अस्वीकार किया गया है।


आज जब देश विकास की ओर अग्रसर है, तब हमें आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। एकता के बिना कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता।


राजपथ की परेड और सांस्कृतिक झांकियाँ हमारी विविधता में एकता को दर्शाती हैं। यह दृश्य हर भारतीय के हृदय को गर्व से भर देता है। 🎉


आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम सब मिलकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लें। जय हिंद।


🇮🇳 भाषण 5 : विकसित भारत का सपना

आदरणीय अतिथिगण, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ। आज का दिन हमें हमारे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्ता का एहसास कराता है। 🇮🇳


भारत आज तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे अभियान देश को नई दिशा दे रहे हैं। लेकिन एक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक इसमें योगदान देगा।


शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सुधार से ही देश आगे बढ़ सकता है। हमें न केवल अपने लिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी सोचना चाहिए।


गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं ताकि हम देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। यदि हम ईमानदारी, परिश्रम और अनुशासन को अपना लें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। 🎉


अंत में, आइए हम सब मिलकर एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लें। जय भारत, जय संविधान।

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