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17 January, 2026

Intraday Trading क्या है? पूरी जानकारी, फायदे, नुकसान और सही रणनीति

 

Intraday Trading क्या है? पूरी जानकारी, फायदे, नुकसान और सही रणनीति

Intraday Trading kya hai 

Intraday Trading शेयर बाजार में किया जाने वाला एक ऐसा ट्रेडिंग तरीका है, जिसमें शेयरों को उसी दिन खरीदा और बेचा जाता है। इसका मतलब यह है कि ट्रेडर बाजार खुलने के बाद किसी शेयर को खरीदता है और बाजार बंद होने से पहले उसे बेच देता है। Intraday Trading में किसी भी शेयर को अगले दिन के लिए होल्ड करने की अनुमति नहीं होती। इसी कारण इसे Day Trading भी कहा जाता है। यह तरीका उन लोगों के लिए लोकप्रिय है जो कम समय में मुनाफा कमाना चाहते हैं और रोज़ाना बाजार की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।


Intraday Trading का मुख्य उद्देश्य छोटे-छोटे प्राइस मूवमेंट से लाभ कमाना होता है। शेयर बाजार में हर दिन कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है। Intraday Trader इसी उतार-चढ़ाव का फायदा उठाने की कोशिश करता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी शेयर की कीमत सुबह ₹100 है और दोपहर तक ₹105 हो जाती है, तो ट्रेडर ₹100 पर खरीदकर ₹105 पर बेचकर मुनाफा कमा सकता है। हालांकि यह सुनने में आसान लगता है, लेकिन वास्तव में इसमें जोखिम भी काफी ज्यादा होता है।


Intraday Trading करने के लिए सबसे पहले आपको एक Demat Account और Trading Account की आवश्यकता होती है। Demat Account में आपके शेयर इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे जाते हैं, जबकि Trading Account के जरिए आप शेयर खरीदने और बेचने के ऑर्डर डालते हैं। इसके अलावा, एक अच्छे Stock Broker का चयन भी बहुत जरूरी होता है, जो तेज़ ऑर्डर एक्जीक्यूशन, कम ब्रोकरेज और सही ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए।


Intraday Trading में समय का बहुत महत्व होता है। भारतीय शेयर बाजार सुबह 9:15 बजे खुलता है और दोपहर 3:30 बजे बंद होता है। Intraday Trader को इसी समय के भीतर अपने सभी ट्रेड पूरे करने होते हैं। अधिकतर ट्रेडर सुबह के शुरुआती घंटों और दोपहर के आखिरी समय में ज्यादा ट्रेडिंग करते हैं, क्योंकि इन समयों में वॉल्यूम और वोलैटिलिटी ज्यादा होती है।


Intraday Trading में Margin की सुविधा दी जाती है। Margin का मतलब है कि आपको पूरे पैसे लगाने की बजाय केवल कुछ प्रतिशत रकम जमा करनी होती है और बाकी राशि Broker द्वारा दी जाती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी शेयर की कीमत ₹1,00,000 है और Broker 10x Margin देता है, तो आपको केवल ₹10,000 लगाकर ट्रेड करने की अनुमति मिल सकती है। Margin से मुनाफा तो बढ़ सकता है, लेकिन नुकसान भी उतना ही तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए इसका इस्तेमाल बहुत सावधानी से करना चाहिए।


Intraday Trading में Technical Analysis का बहुत बड़ा रोल होता है। इसमें शेयर की कीमत, वॉल्यूम और चार्ट पैटर्न का अध्ययन किया जाता है। Technical Analysis के जरिए ट्रेडर यह अनुमान लगाने की कोशिश करता है कि आगे कीमत ऊपर जाएगी या नीचे। इसमें कई तरह के Indicators का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे Moving Average, RSI (Relative Strength Index), MACD, Bollinger Bands आदि। सही Indicator का चयन और उसका सही उपयोग Intraday Trading में सफलता के लिए बहुत जरूरी होता है।


Intraday Trading में Fundamental Analysis का उपयोग बहुत कम किया जाता है। Fundamental Analysis किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति, मुनाफा, कर्ज, मैनेजमेंट और भविष्य की योजनाओं पर आधारित होता है, जो आमतौर पर Long Term Investment के लिए ज्यादा उपयोगी होता है। चूंकि Intraday Trading बहुत कम समय के लिए होती है, इसलिए इसमें न्यूज, मार्केट सेंटिमेंट और टेक्निकल लेवल ज्यादा प्रभाव डालते हैं।


Intraday Trading में सही शेयर का चयन करना भी एक महत्वपूर्ण कदम है। Intraday के लिए वही शेयर अच्छे माने जाते हैं जिनमें वॉल्यूम ज्यादा हो और जो ज्यादा वोलैटाइल हों। Low Volume वाले शेयरों में फंसने का खतरा रहता है, क्योंकि वहां खरीददार और विक्रेता आसानी से नहीं मिलते। Nifty 50 और Bank Nifty जैसे इंडेक्स के शेयर Intraday Trading के लिए काफी लोकप्रिय होते हैं।


Intraday Trading में Stop Loss का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी होता है। Stop Loss एक ऐसा लेवल होता है, जिस पर पहुंचने के बाद ट्रेड अपने आप बंद हो जाता है, ताकि नुकसान ज्यादा न बढ़े। उदाहरण के लिए, अगर आपने किसी शेयर को ₹200 पर खरीदा है और आप ज्यादा से ज्यादा ₹5 का नुकसान सह सकते हैं, तो आप ₹195 पर Stop Loss लगा सकते हैं। Stop Loss ट्रेडर को बड़े नुकसान से बचाने का सबसे मजबूत हथियार माना जाता है।


Intraday Trading में Target तय करना भी जरूरी होता है। Target वह प्राइस होता है, जहां पहुंचने पर आप मुनाफा बुक कर लेते हैं। कई नए ट्रेडर लालच में आकर Target नहीं लगाते और सोचते हैं कि कीमत और बढ़ेगी, लेकिन अक्सर ऐसा नहीं होता और मुनाफा नुकसान में बदल जाता है। इसलिए ट्रेड लेने से पहले ही Stop Loss और Target दोनों तय करना एक अच्छी ट्रेडिंग आदत है।


Intraday Trading में अलग-अलग Strategies का इस्तेमाल किया जाता है। Scalping Strategy में बहुत छोटे प्राइस मूवमेंट पर कई बार ट्रेड किया जाता है। Momentum Trading में उन शेयरों पर ध्यान दिया जाता है, जिनमें तेजी या मंदी का मजबूत ट्रेंड होता है। Breakout Strategy में उस लेवल पर ट्रेड किया जाता है, जहां शेयर किसी रेंज को तोड़कर बाहर निकलता है। Pullback Strategy में ट्रेंड के दौरान आने वाले छोटे रिवर्सल पर ट्रेड लिया जाता है।


Intraday Trading में मनोविज्ञान यानी Psychology का रोल भी बहुत अहम होता है। डर, लालच और जल्दबाजी अक्सर गलत फैसलों का कारण बनते हैं। कई बार ट्रेडर नुकसान होने पर गुस्से में Overtrading करने लगता है, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है। एक सफल Intraday Trader वही होता है जो अपने इमोशंस पर कंट्रोल रखे और अपनी Strategy के अनुसार ही ट्रेड करे।


Intraday Trading के फायदे भी हैं और नुकसान भी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें Capital जल्दी घूमता है और रोज़ाना मुनाफा कमाने का मौका मिलता है। इसके अलावा, Overnight Risk नहीं होता, क्योंकि कोई भी पोजीशन अगले दिन के लिए होल्ड नहीं की जाती। वहीं नुकसान की बात करें तो इसमें जोखिम बहुत ज्यादा होता है और लगातार स्क्रीन के सामने बैठना पड़ता है। गलत Strategy या Discipline की कमी से Capital जल्दी खत्म भी हो सकता है।


Intraday Trading नए लोगों के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है। शुरुआत में ज्यादातर लोग नुकसान ही उठाते हैं, क्योंकि उन्हें मार्केट की सही समझ नहीं होती। इसलिए Intraday Trading शुरू करने से पहले Virtual Trading या Paper Trading करना बेहतर होता है। इससे बिना पैसे लगाए बाजार को समझा जा सकता है और Strategy को टेस्ट किया जा सकता है।


Intraday Trading में सफल होने के लिए Discipline, Patience और Continuous Learning बहुत जरूरी है। बाजार हर दिन कुछ नया सिखाता है। जो ट्रेडर अपने अनुभव से सीखता है और अपनी गलतियों को सुधारता है, वही लंबे समय तक टिक पाता है। इसके साथ ही Risk Management पर ध्यान देना सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि Capital बचेगा तभी ट्रेडिंग जारी रह पाएगी।


Intraday Trading को कभी भी जुआ नहीं समझना चाहिए। यह एक प्रोफेशनल स्किल है, जिसे सीखने में समय लगता है। बिना ज्ञान, बिना प्लान और बिना Risk Management के Intraday Trading करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। इसलिए अगर आप Intraday Trading शुरू करना चाहते हैं, तो पहले पूरी जानकारी लें, छोटी रकम से शुरुआत करें और धीरे-धीरे अनुभव बढ़ाएं।


अंत में कहा जा सकता है कि Intraday Trading उन लोगों के लिए सही है जो शेयर बाजार को समय दे सकते हैं, तेजी से निर्णय ले सकते हैं और जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं। अगर सही Strategy, Discipline और धैर्य के साथ Intraday Trading की जाए, तो यह मुनाफे का अच्छा जरिया बन सकता है, लेकिन लापरवाही और जल्दबाजी इसे नुकसानदायक भी बना सकती है।

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