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26 January, 2026

Support aur Resistance kya hai? Share Market ki Basic Strategy

 

Support aur Resistance kya hai? Share Market ki Basic Strategy

📈 शेयर बाजार में तकनीकी विश्लेषण के दो सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत सपोर्ट और रेज़िस्टेंस होते हैं। इनका उपयोग यह समझने के लिए किया जाता है कि किसी शेयर की कीमत किस स्तर पर रुक सकती है, पलट सकती है या आगे बढ़ सकती है। सही तरीके से सपोर्ट और रेज़िस्टेंस को समझ लेने से निवेशक और ट्रेडर बेहतर निर्णय ले सकते हैं और जोखिम को कम कर सकते हैं।


🛑 सपोर्ट क्या होता है? सपोर्ट वह मूल्य स्तर होता है जहाँ किसी शेयर की कीमत गिरते-गिरते रुक जाती है। इस स्तर पर खरीदारी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे कीमत को नीचे जाने से सहारा मिलता है। सरल शब्दों में कहें तो सपोर्ट वह जगह है जहाँ निवेशक मानते हैं कि शेयर सस्ता हो गया है और खरीदना सही रहेगा।


🧲 सपोर्ट बनने का मुख्य कारण मांग का बढ़ना होता है। जब किसी कीमत पर बहुत से खरीदार सक्रिय हो जाते हैं, तो शेयर की कीमत नीचे नहीं गिर पाती। कई बार यह सपोर्ट स्तर पहले के निचले स्तरों या लंबे समय तक बनी हुई कीमतों के आधार पर बनता है, जिसे चार्ट में आसानी से देखा जा सकता है।


📉 रेज़िस्टेंस क्या होता है? रेज़िस्टेंस वह स्तर होता है जहाँ शेयर की कीमत बढ़ते-बढ़ते रुक जाती है। इस स्तर पर बिकवाली बढ़ जाती है, जिससे कीमत ऊपर जाने में कठिनाई महसूस करती है। रेज़िस्टेंस को ऐसे समझ सकते हैं जैसे छत, जहाँ पहुँचकर कीमत को आगे बढ़ने में रुकावट आती है।


🚧 रेज़िस्टेंस बनने का कारण यह होता है कि उस स्तर पर बहुत से निवेशक मुनाफा वसूलना चाहते हैं। जैसे ही कीमत उस स्तर तक पहुँचती है, लोग बेचने लगते हैं और सप्लाई बढ़ जाती है। इससे कीमत या तो वहीं रुक जाती है या नीचे की ओर आने लगती है।


🔄 सपोर्ट और रेज़िस्टेंस का आपसी संबंध कई बार पुराना सपोर्ट आगे चलकर रेज़िस्टेंस बन जाता है और पुराना रेज़िस्टेंस सपोर्ट में बदल सकता है। जब कोई सपोर्ट स्तर टूट जाता है, तो वही स्तर आगे चलकर रेज़िस्टेंस की तरह काम करता है। इसी तरह, जब रेज़िस्टेंस टूटता है, तो वह भविष्य में सपोर्ट बन सकता है।


📊 सपोर्ट और रेज़िस्टेंस का उपयोग कैसे करें? निवेशक आमतौर पर सपोर्ट के पास खरीदारी करने और रेज़िस्टेंस के पास बेचने की रणनीति अपनाते हैं। इससे जोखिम कम होता है और लाभ की संभावना बढ़ती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर बार कीमत वहीं से पलटे, इसलिए स्टॉप लॉस का उपयोग करना बेहद जरूरी होता है।


⚠️ सपोर्ट और रेज़िस्टेंस की सीमाएँ सपोर्ट और रेज़िस्टेंस कोई निश्चित रेखा नहीं होते, बल्कि एक क्षेत्र होते हैं। बाजार में खबरें, नतीजे और वैश्विक घटनाएँ इन स्तरों को तोड़ सकती हैं। इसलिए केवल इन्हीं पर निर्भर रहना सही नहीं होता, बल्कि अन्य संकेतकों और कंपनी की स्थिति को भी समझना चाहिए।


🧠 निष्कर्ष सपोर्ट और रेज़िस्टेंस शेयर बाजार को समझने के मजबूत आधार हैं। इनके माध्यम से निवेशक बाजार की दिशा का अनुमान लगा सकते हैं और बेहतर रणनीति बना सकते हैं। सही अभ्यास और धैर्य के साथ इनका उपयोग किया जाए, तो यह शेयर बाजार में सफलता की संभावना को काफी बढ़ा सकते हैं। 🌟

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