What is 5s? 5s kya hota hai

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5s का अर्थ क्या है ?
5s एक जापानी विचारधारा (technic) है - जिसके अंतर्गत Management तथा Employee के सहयोग द्वारा अपने कार्यस्थल,मशीन,उपकरण आदि के अच्छे रख-रखाव एवं सुरक्षित रहकर कार्य करना 5s कहलाता है। मुख्यतः  5s  workstation  में व्यवस्था  स्थापित करने तथा व्यवस्थित रख रखाव के लिए एक विचारशील मार्ग स्थापित करना है।  इसे क्रमशः 5 चरणों में प्राप्त किया जा सकता है।  counting in hindi 

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5s के 5 steps इस प्रकार है।   counting in hindi 


japani language में - seire,  seiton,  seiso,  seikets,  shitsuke
English language में - 
1s - sort in hindi posters and training pdf and ppt.
2s - set in order 
3s - shine  housekeeping ppt in hindi formate.
4s - standardize meening and posters free download full form
5s - sustain
    हिंदी language में -
    1s- छंटाई 
    2s- यथास्थान (व्यवस्थित रख रखाव ) 
    3s- सफाई 
    4s- सही मानकीकरण  
    5s- स्व-अनुशासन 
    Short- जो भी काम का है उसे अपने पास रखे बाकी सब हटा दे।
    Set in order- सभी चीजों की जगह और सभी चीज अपनी जगह पर होनी चाहिए।
    Shine- उस क्षेत्र की सफाई जहां आप जरुरत की चीजे रखते हैं।
    Standardize- नियमों का पालन करें और उन्हें लागू करें उस जगह का क्या नाम है उसे एक नाम दे।
    Sustain- इसे हर दिन दोहरायें और आदत बना ले।
    • 1s- SHORT छंटाई -

    जितना use में उपयोगी हो उतनी ही वस्तु अपने पास रखे जो use की नहीं है उसे अलग करके रखे। जितना जरुरी हो उतना ही सामान मगवाये।अपने आस पास नजर डाले और तय करे की कौन  सा सामान आपके लिये उपयोगी है और कौन  सा आपके काम का नहीं है। अनावश्यक वस्तुओ से ना ही सिर्फ Work workstation गन्दा  होता है बल्कि जरुरी वस्तुओ का समय पर मिल पाना उनकी संख्या का अनुमान लगाना काफी मुश्किल हो जाता है।क्या आपको अपने कार्य स्थल के बारे में अभिमान है। हमारे अन्दर चीजो को जमा करने व  रखने की आदत होती है। कुछ ऐसी चीजे हमारे पास होती है जिसकी जरुरत हमें उस समय नहीं होती है जिससे सही से काम करने में problems होती है। इन वस्तुओ को छटाई  करने के लिये पहले उन वस्तुओ को पहचानना और उनकी सूचि बनाना पड़ेगा क्या आपको इन वस्तुओ की आवस्यकता है यदि किसी को भी इन वस्तुओ की आवस्यकता नहीं है तो वास्तव ने वे अनावश्यक है।  हमें ये पता लगाना है की हमें किसकी जरुरत है और किसकी जरुरत नहीं है। 

    1. उपलब्ध स्थान का प्रभावित उपयोग करे। 
    2. उन्ही वस्तुओ को इकठ्ठा करे जिनकी आवश्यकता हो। 
    3. अवांछित वस्तुओ को हटा दे। 
    4. लाल tag प्रणाली का उपयोग करे। 

    -What is Quality and Quality policy in hindi
    1. 2s- SET IN ORDER यथास्थान (व्यवस्थित रख रखाव )-
    सभी वस्तुओं के लिए जगह होनी चाहिए और सभी वस्तुए अपनी अपनी जगह पर होना चाहिए। सभी वस्तुओ के लिये स्थान निर्धारित करे तथा सभी वस्तुओ को  निर्धारित जगह पर रखे  वस्तुए निर्धारित जगह पर होने से उन्हें उपयोग में लाने के लिये कम समय लगता है। हर चीज के लिए अपनी एक जगह होनी चाहिए और हर चीज उपयोग करने के बाद अपनी उसी जगह पर होनी चाहिए। चीजो को व्यवस्थित रूप से सही जगह पर रखने से आपका काम आसान होगा बल्कि आपका Area  भी साफ़ सुथरा दिखाई देगा। जैसे बड़ी चीजो के लिए अलग जगह छोटी चीजो के लिए अलग जगह। चीजो को ऐसे रखे जिसे उपयोग करने में आसानी हो।

    1. सभी वस्तुए आसानी से मिल सके। ppt and pdf
    2. साइनबोर्ड का  उपयोग करे।
    3. सभी चीजों के लिए जगह और सभी चीज अपनी जगह पर रखे।


    • 3s- SHINE सफाई -

    अपने कार्य स्थल, मशीनो  तथा उपकरणों को बिलकुल साफ़ रखना चाहिए। मशीनों तथा floor की साफ़ सफाई में अगर कोई भी दरार या leakage दिखाई दे तो उस पर तुरंत Action लेना चाहिए ऐसी problems को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मशीन और उपयोग में आने वाले उपकरण व अपना Area समय समय पर साफ़ करना चाहिए। सफाई महत्वपूर्ण है लेकिन उस समय नहीं जब मशीन चल रही हो। क्या आप मशीन को उसी समय check व साफ़ करते है जब वह काम करना बंद कर देती है। मशीनों की सफाई व जांच के लिए एक नियमित समय रखना चाहिए।

    1. हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी स्वयं निभाना चाहिए।
    2. काम के स्थान पर साफ़ -सफाई रखे। counting aur hindi 5s picture
    3. problems को पहचाने और उसे सही समय पर उसपर काम शुरू करे।
    • 4s- STANDARDIZE सही मानकीकरण  -
    प्रथम 3 s का प्रतिपालन  सुनिश्चित करना एवं उपयुक्त नियमो का पालन करना। पहले 3 s का standard बनाना हर department से एक व्यक्ति को इसकी जिम्मेदारी सौपना और समय समय पर उसे check करना की पहले 3 s का प्रतिपालन हो रहा है या नहीं।

    अच्छी Houseekiping की आदत बनाय  रखे अगर हमें अच्छे मापदण्ड कायम करने है। और इसके लिये प्रयत्न आवश्यक है, यदि हम अच्छी देख भाल नहीं करते है तो हमारा कार्यस्थल अविकसित हो सकता है।

    हम अपने कार्यस्थल पर हर रोज 8 से 10 घंटे बिताते है क्या हम अपने आपको सुरक्षित और खुश पाते है।काम की देखभाल और सफाई आवश्यक होती है और इस तरह हम अपने कार्य स्थल में सुधार ला सकते है और अपने future को आसान बनाते है। yaha par pdf,ppt,training,housekeeping and fullform of 5s.
    1. इन प्रक्रियाओ को लगातार करना है। 
    2. काम में अधिक से अधिक लोगो को involve होना चाहिए। 
    3. हर काम जो हम करते है उसकी एक check sheet बनानी चाहिए। 
    • 5s- SUSTAIN स्व-अनुशासन -


    प्रत्येक कार्य करते समय,अनुशासन सहित निर्धारित नियमो का पालन करना चाहिए।  Example के लिये प्रत्येक कार्य को निर्धरित समय एवं कार्य प्रणाली के अनुसार कार्य करना, सुरक्षा नियमो का पालन करना,सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करना इत्यादि। 

    हमें अपने वा management के नियमो का पालन करना चाहिए। अच्छी housekeeping के लिये ये आवश्यक है की हम प्रयास करे और उसकी कीमत को समझे और ये अपने आप पर निर्भर करता है।  ये जिम्मेदारी अधिक कार्य करने में ज्यादा महत्व रखती है।  हम जो काम करते है वो काफी नहीं होता हमें चाहिए की हम दूसरे व्यक्तियों का साथ दे और साथ मिलकर काम करे। 

    1. आत्म अनुशासन बनाय रखे। "counting in hindi picture"
    2. Teamwork और अनुशासन के माध्यम से लक्ष्यो को पूरा करे। 
    3. सभी कर्मचारियों को प्रशिछण दे। 
    4. 1s-2s-3s-4s लगातार दोहराये।
    5s को impliment करते समय ध्यान में रखे इन बातो को - 
    5s को क्रम में impliment करना चाहिए कोई भी व्यक्ति 2s या 3s को करने के बाद में पहले 1s को प्रारम्भ नहीं कर सकता है। यदि किसी company में store department में 5s करना चाहते है तो वहा पर system ऐसा होना चाहिए की आने वाले सामान को रखने की जगह होनी चाहिए। किसी भी confusion से बचने के लिए समय समय पर चेक करते रहना चाहिए। system को मजबूत बनाने के लिए सभी लोगो का सामिल होना बहुत जरुरी है सभी को system से काम करना होगा तभी आप इसे impliment कर सकेंगे। 
    Implimentation कैसे करे -
    Management को लाभ प्राप्त करने के लिए 5s method को impliment करना चाहिए। 5s को अपनाने का decision लेने के बाद इसके बारे में सभी को बताना चाहिए इससे related training देना चाहिए जैसे 5s क्या होता है इसे कैसे impliment किया जाता है इससे क्या लाभ है और इसे नहीं करने से क्या नुकसान या हानि हो सकती है।   इसके बाद में 5s start करने के लिए action plan प्रस्तुत किये जाते है। जैसे - अभी हम किस स्थति में है present time में, हमें कहा पहुंचना है और कैसे impliment करना है। 
    5s कैसे करे -
    1. जिस चीज की हमें जरुरत नहीं है उसे वहा से हटा दे।
    2. सभी चीजों को जगह पर रखना चाहिए और उनके लिए जगह निर्धारित होना चाहिए । चीजों को जगह के अनुसार रखे उन्हें फैलाये नहीं। counting in hindi picture
    3. अपने कार्यस्थान की सफाई करते रहे और दुसरो को गंदा करने से मना करे उन्हें 5s के बारे में बताये।
    4. हमें लगातार इन नियमो का पालन करना चाहिए।
    5s- के लाभ -
    5s पालन करने के कई सारे लाभ है 
    1. कार्य सरल होता है, जिससे employee के कार्य के प्रति रूचि बढती है। pdf and ppt.
    2. प्रत्येक कार्य सुविधापूर्वक एवं सुरक्षित ढंग से होता है, जिससे दुर्घटना की संभावना नहीं रहती।
    3. मिलजुलकर कार्य करने से आपसी भाईचारे में ब्रद्धि होती है। fullform,training,dearhindi.com
    4. कार्य-जीवन में सुधार से employee के मनोवल में ब्रद्धि होती है। posters fullform of 5s download.
    5. उत्पादन की गुणवत्ता में ब्रद्धि होती है।
    6. प्रत्येक के विकास एवं संस्थान की निरंतर प्रगति के लिये 5s अत्यंक आवश्यक अंग है।
    7. महत्वपूर्ण समय बचता है।
    8. wastage और कमियों को आसानी से पहचानने में सहायता करता है।
    9.काम करने के लिए हमें साफ़ सुथरा वातावरण प्रदान करता है।

    5s  ना करने के नुकसान हानि  -
    5s सही तरीके से नहीं करने पर क्या क्या समस्याएं आ सकती है।

    1 असुरक्षित work place मिलता है।
    2 अगर कोई auditor या customer आता है तो वह असंतुष्ट हो सकता है।
    3 किसी भी चीज को खोजने में समय लगता है जिससे काम करने वाले लोगो में तनाव पैदा होता है।
    4 समान सही समय पर नहीं मिलने से बहुत बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

    इन्हे भी पढ़े -

    5s

    5S is a Japanese technique - With the help of management and staff and 5S, keeping a good workplace, machine, equipment etc. it is mainly a thoughtful way to establish a system in 5S workstation and systematic maintenance. It can be obtained in 5 steps, respectively.

    what is 5s

    5 steps of 5s.

    1s - sort  2s - set in order  3s - shine  4s - standardize 5s - sustain
    Implimentation of 5s 
    Management should impliment 5s method to gain profit. After taking a decision to adopt 5s, all should be told about it related to training like 5s, what happens, how it is implied, what is the benefit from it and what can be the loss or loss of it by not doing it. After this, an action plan is presented to start 5s. Like - where we are currently in the present time, we have to reach and tell how to impliment.
    How to do 5s -
    1. Remove the thing that we do not need it.
    2. All things should be kept in place and their place should be determined. Do not spread them according to the place according to the place.
    3. Clean the workspace and refuse to mess others, tell them about 5.
    4. We have to follow these rules constantly.

    Methodology to impliment 5s-

    SHORT WAY of 5s
    Short- Keep whatever you want and remove everything else.
    Set in order- a place for everything and everything in its place.
    Shine-Cleaning the area where you keep the nessesary thing.
    Standardize- make up the rules follow and enforce them.
    Sustain - Do it every day and make a habit. 

    Keep these ideas in mind when applying 5s-

    5s should be implanted in sequence No one can not start the first 1s after doing 2s or 3s. If you want to do 5s in the store department in a company, then there should be a system on it that there should be space to keep the incoming goods. To avoid any confusion, keep checking from time to time. To strengthen the system it is very necessary to join all the people, everyone will have to work with the system only then you will be able to impliment it.

    ज्ञान की बातें हिंदी में gyan ki bate-gyan ki baatein bataye hindi me

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    जब व्यक्ति के पास पैसा होता है
     तो वह भूल जाता है की वह कौन है।
    लेकिन जब उसके पास पैसा नहीं होता है
     तो दुनिया भूल जाती है की वह कौन है।


    इस तरह न कमाओ की पाप हो जाए। 
    इस तरह न खर्च करी की कर्ज हो जाए।
    इस तरह न खाओ की मर्ज हो जाए।
    इस तरह न बोलो की लड़ाई हो जाए। 
    इस तरह न चलो की देर हो जाए।
    इस तरह न सोचो की चिंता हो जाए।  


    भी कभी ऐसा लगता है की अच्छाई का जमाना ही नहीं रहा हम कितना भी अच्छा ब्यवहार करते है दुसरो के साथ लेकिन दूसरे लोग हमारे साथ अच्छा व्यव्हार नहीं करते है। सब के साथ भलाई करके भी हमें दुःख मिलता है और जो लोग दुसरो के साथ बुराई करते है बुरा काम करते है वह लोग अपनी जिंदगी में खुश है अच्छे लोगो का तो जमाना ही नहीं है।  

    आप अपनी जिंदगी में किस तरह के लोगो को अपने पास रखना चाहते हो जो हमारे साथ अच्छाई करते है या फिर जो हमारे साथ बुराई करते है।  आप किन लोगो की प्यार करोगे जो आपके साथ अच्छा व्यवहार करते है या फिर वो लोग जो आपके साथ बुरा व्यवहार करते है। 

    हर व्यक्ति अच्छे इंसान की तलाश में है कभी कभी लगता है की सब गलत हो रहा है  जो बुरे लोग है वह अच्छी जिंदगी जी रहे है और जो अच्छे लोग है उनकी जिंदगी में कितना कस्ट है कितना दर्द है। 

    एक छोटी सी कहानी

    एक बूढी औरत थी उसकी तीन बेटिया थी वह बहुत कस्ट सहकर अपनी बेटियों को पालती थी  इन तीनो बेटियों  की उम्र 2-3 और 5 साल की। यह सब देखकर देवश्री नारद को बहुत दुःख हुआ और उस बूढ़ी औरत पर गर्व भी हुआ कि इस बृद्ध अवस्था में भी यह औरत कितना कस्ट भोग रही है कितना काम करती है बच्चो को पालने के लिए। कुछ दिनों बाद देवश्री नारद फिर उसी रास्ते से गुजरे तब उन्होंने देखा की वह बूढी औरत मर जाती है।  यह देखकर उनको भगवान पर उन्हें बड़ा गुस्सा आया वे बोले की भगवान् दुनिया को चलाना जानते ही नहीं है जिन लोगो की कोई जरुरत नहीं वे कितना जीते है। आप पढ़ रहे है ज्ञान की बातें हिंदी में। 
    इन तीन छोटी कन्याओं को उसके सिवा कोई था भी नहीं भगवान् ने उसे ही मार दिया अब ये तीनो अनाथ हो गई एक ही साहरा था उनका उसे भी छीन लिया देवश्री नारद बहुत गुस्से में भगवान् के पास गए और बोले आपको दुनिया चलाना नहीं आता है सब कुछ उल्टा चल रहा है तीन छोटी बच्चिया अब अनाथ हो गई है एक ही सहारा था उनका आपने उसे ही उनसे छीन लिया अब उन तीन बच्चियों का क्या होगा। आपको दुनिया चलना नाही आता है आप अपनी मन मर्जी से अपना काम करते है धरती में जाओ उनकी जिंदगी देखो कैसे वह जी रहे है तब आपको पता चलेगा उन पर क्या गुजरती है। 

    भगवान् बोले नारद मुझे कुछ भी बोलने से पहले आप एक बार फिर उनके पास जाओ और देखो देवश्री नारद बहुत गुस्से में थे वह उनकी बात मानकर धरती पे आये और उन्होंने देखा वहाँ  पर  कन्याएँ थी ही नहीं देवश्री नारद को बहुत दुःख हुआ की उनके साथ क्या हो गया कहा है सभी उन्हें और गुस्सा आने लगा। gyan ki baatein bataye hindi me

    फिर उन्होंने पड़ोसियों से पूछा की यहाँ पर जो कन्याये थी वह कहा है तब उस पडोसी ने  कहा उनकी माँ की मौत हो चुकी थी और वह सभी बच्चिया रो रही थी अपनी माँ को याद करके। तभी उसी समय एक राजकुमारी यहाँ से गुजरी और उन तीनो बच्चियों को रोता देखकर उसे दया आ गई और उस राजकुमारी ने तीनो  बच्चियों को गोद ले लिया अब वह तीनो बच्चियों रानियाँ बन गई है। जब नारद को यह बात पता चली तब उन्हें समझ में आया और उन्हें भगवान् पर गर्व हुआ।  ज्ञान की बातें हिंदी
    कई बार जो चीज हमें गलत दिखती है उसके पीछे भी कोई कारण होता है हमें लगता है की ऐसा  हमारे साथ इतना  अच्छा चलने के बाद भी हमें ही दुःख क्यों मिलता है - जरूर भगवान् ने आपके लिए कुछ अच्छा सोच रखा होगा।  gyan ki bate-gyan ki baatein bataye hindi me 


    ''अपनी तक़दीर खुद ही लिखनी होगी'' 
    ये कोई चिट्टी नहीं जो दुसरो से लिखवा लोगे !
    -
    ''जब इंसान की जरुरत बदल जाती है''
     तो उसका आपसे बात करने का तरीका बदल जाता है !

    couple in hindi कानूनी रूप से Unmarried Couples का Hotel Room में रहना safe है या नहीं

    Couple in hindi जाने कानूनी रूप से Unmarried Couples का Hotel Room में रहना safe है या नहीं हिंदी में 
    आज हम बात करेगे कुछ ऐसे नियमो के बारे में जिन्हें आप शायद नहीं जानते होगे हम बात कर रहे है india के कुछ ऐसे नियमो के बारे में जिनके बारे में आपको जानना बहुत जरुरी है।

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    भारत में High Court ने कानून के अन्दर कुछ ऐसे Rules Update किये गए है या  बनाये गए है जो लड़के और लड़की 18 साल से ऊपर की उम्र के है या यह कह सकते है की यह नियम Special Girlfriend और Boyfriend के लिए बनाये गए है। अगर आप किसी लड़की से प्यार करते है या करती है तो आपको भारत में बंनाये गए इस  नियम कानून को जरुर जानना चाहिए। क्योकि जिंदगी में कभी न कभी इस तरह की problem को face करना पड सकता है। 

    Unmarried couples के लिए होटल के नियम -

    अगर आप Unmarrid Couple है तो आपको कुछ अधिकार मिले है। किसी भी Unmarried Couple का किसी होटल में room rent पे लेना और रुकना गुनाह नहीं है। एसा कोई कानून नहीं है जो एक लड़की और लड़के को जो Unmarried है इन्हें एक room में रहने से रोके। ऐसे में अगर आपसे पुलिस सवाल करे तो आपको डरने की जरुरत नहीं है आप अपने अधिकारों के तहत पुलिस से बात कर सकते है।  शिर्फ़ Unmarried Couple है और होटल में रुके है तो आपको police arrest नहीं कर सकती है। 18 साल या इससे अधिक उम्र के लोग आपस में अपनी इच्छा से शारीरिक संभंध बना  सकते है। 

    जॉब कोई Unmarried Couple होटल में room लेता है और दोनों room के अन्दर होते है और police की raid पड़ जाती है जिस होटल में आप रूके हुए होते है तो उस Unmarried Couple के पास क्या क़ानूनी अधिकार होते है और क्या इस condition में पकडे जाने पर पुलिस उनको arrest कर सकती है। 

    जब भी कोई अविवाहित Unmarried Couple होटल में room लेता है तब उनको problem तब होती है जब होटल में raid पड़ती है पुलिस उनपर दवाव बनती है और इस काम को गैर क़ानूनी बताती है लेकिन कानून किसी भी सार्वजानिक स्थान पर अश्लील activity को गैर क़ानूनी मानता है नाकि होटल में लेकिन पुलिस होटल में पाए जाने वाले Unmarried Couple के ऊपर दवाव डालती है उनको blackmail करती है इस काम को गैर क़ानूनी बताकर उनको गिरफ्तार करने का डर बनती है। 

    लेकिन कानून इस बारे में कुछ और ही कहता है -

    * संविधान का अनुच्छेद 19 कही पर भी आने जाने और रुकने का अधिकार देता है। कानून के अनुसार 18 साल की उम्र से अधिक की उम्र के लोग अपनी इच्छा से शारीरिक संभंध बना सकते है। कानून के हिसाब से किसी भी व्यक्ति के द्वरा होटल पर room किराये पर लेना और वहा पर रुकना अपराध नहीं है। 

    * कानून के अनुसार शारीरिक संभंध बनाना किस रूप में अपराध है यह भी जान लीजिये sex करना कोई अपराध नहीं है लेकिन वैश्य वृत्ति (Vaishya Vrittiti) करना अपराध है मतलब किसी महिला को पैसे देकर शारीरिक संभंध बनाने के लिए मजबूर करना अपराध माना जायेगा पुलिस भी हमेशा ऐसे लोगो को पकडती है जो ऐसे sex rocket को चलाते है। 

    होटल में Raid पड़ जाने पर क्या करे ?-

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    अब अगर आप एसी situation को face करते है की आप अपने पार्टनर या girlfriend के साथ किसी होटल में रुके हुए है और अचानक से पुलिस की raid पड़ जाए तो आपको वह से भागना नहीं है वह आपसे बहुत सारे सवाल करेगे। तो आपको किस तरह के जवाब देना चाहिए। 

    पुलिस आपसे सवाल कर सकती है की Q-1.आपने गैर क़ानूनी काम किया है तब आपको बोलना है बिलकुल नहीं हम  दोनों वयस्क है (18 साल से ऊपर)और अपनी इच्छा से यहाँ पर रुके हुए है। इसलिए यह गैर क़ानूनी नहीं हो सकता है। Q-2 . पुलिस आपको यह भी बोल सकती है की होटल एक सार्वजनिक स्थान है तब आप उनको बोल सकते है की नहीं होटल सार्वजनिक स्थान नहीं है होटल एक private स्थान है क्योकि जब आप होटल में room किराये पर लेते है तो वह आपका personal private स्थान हो जाता है। Q-3 पुलिस आपको blackmail कर सकती है जैसे की हमें आपके माता पिता से बात करनी है। तब आप उनको बोलो कि जब हमने यहाँ पर room लिया था तब अपना id proof जमा करवाया है और आप आगे की जाच करने के लिए आजाद है। 

    जब आप समझदार बनकर अपने क़ानूनी अधिकारों के बारे में बाते करोगे तब कोई भी आपको गिरफ्तार नहीं कर पायेगा अगर आपको थाने ले भी जाया जाता है तब भी आप डरे नहीं वह आपसे सवाल जवाब करके छोड़ देगे। याद रखे कभी भी होटल में check in करते समय अपना ओरिजिनल identicard का फोटो copy ही जमा करे  किसी दूसरे का कभी भी जमा नहीं करे।
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    Audit in hindi

    AUDIT notes in hindi and क्या होता है book aur meaning pdf kya hota hai aur social kaise karte hai types of then Management  ,officer, Audit meaning report of company.
    what is audit?- यह एक systamatic(व्यवस्थित) और indipendent(स्वतंत्र) व documeted process होती है और इसके आलावा  कैसे कैसे ऑडिट करना चाहिए systematic point of view(दृष्टिकोण) होना चाहिए हम system को objectively (निष्पक्ष) evaluate (मूल्यांकन करना)करेगे audit evidence को collect करने के लिए।kya hota hai

    audit kya hai,audit notes,management system,audit meaning,internal audit,officer,report,companyयह जानने के लिए की system हमारा काम कैसे कर रहा है मतलब audit का जो criteria है आप जिस purpuse के लिए audit कर रहे है आपने कुछ criteria define किया होगा। ऑडिट basically documental process को follow करते हुए indipendently systemetic approch (स्वतंत्र रूप से व्यवस्थित दृष्टिकोण) के साथ में जिस एरिया का आप audit कर रहे है वो आपके criteria को fullfill कर रहा है की नहीं इसे देखने के लिए  आडिट  किया जाता है।   

    Audit basically साल भर organization में काम कैसे हो रहा है यानी की पूरे साल की जांच की जाती है इसमें  ऑडिट उन्ही लोगो का किया जाता है जो अपना business करते है। ऑडिट में साल भर का Details निकाला जाता है यह Income Tax Department करता  है। इसमें यह देखा जाता है की business में आपने income and  expense (आय और व्यय) नियनो के हिसाब से किये है या नहीं। इसके अलावा companiya खुद अपना internal ऑडिट करती रहती है। 

    Types of Audits in hindi- 

    Basically तीन प्रकार के ऑडिट होते है product, process एंड system AUDIT लेकिन इसके आलावा और ऑडिट होते है जो की इन तीनो ऑडिट को support करते है  जैसे एक ऑडिट को internal या external ऑडिट भी कहते है internal ऑडिट वह ऑडिट होता है जो की internally कनेक्ट किया जाता है मतलब यहा पर organization के लोग दूसरे dipartment में जाकर ऑडिट करते है internal ऑडिट कहलाता है। और external ऑडिट वह होता है जो बाहर के लोग होते है जो की organization का ऑडिट करते है इसे external ऑडिट कहते है। इसके आलावा।
    1- product
    2- process
    3- system
    4- dockaudit
    5- layout audit
    6- layered ऑडिट

    • Process audit in हिंदी -
    Process audit में हम verification करते है की हमारा जो process  या हमने जो work decide किया था की हम अपना ये work इस work-instruction से करेंगे या हमने जो parameter set किया था तो क्या ये सारे parameters controlled condition में चल रहे है या नहीं चल रहे है क्योकि अगर process parameter सही नहीं होगा तो आपका output सही नहीं निकलेगा तो basically process ऑडिट में हम उन parameter को check करते है जैसे work-instruction, control plan इनके refrense से हम यह देखते है की हमारा जो parameters है वह सही condition में चल रहा है की नहीं चल रहा है। इसे कहते है process ऑडिट। 

    इसमें हमने जो भी standard guidelines बनाये थे उन सभी guideline को follow किया जा रहा है की नहीं किया जा रहा है मतलब हमने अगर किसी एक work को पूरा करने के लिए 10 stap लगते है तो क्या ये 10 step follow हो रहे है या नहीं - कही पर बायपास तो नहीं किया जा रहा है इन सब steps को verify करना process audit कहलाता है। 
    • product ऑडिट
    Product ऑडिट में हम processing होने के बाद में जो प्रोडक्ट निकलता है तब उनके Dimension को check किया जाता है। जो भी हमारा   control plan  या workinstruction में जो भी पैरामीटर हमने बनाये है उसके हिसाब से चेक करते है की ये सारे parameter सही थे या नहीं थे इसके अलावा parts की testing भी चेक की जाती है। 

    • System Audit 

    system ऑडिट तीन प्रकार के होते है  first party audit, second party ऑडिट ,third party audit.


    First party audit :- हम इसे  Internal Audit भी कहते है। organization या कंपनी खुद ही यह ऑडिट  कर सकती है अपने द्वारा या फिर किसी दुसरे agency को भी hire कर सकती है अपने Internal audit के लिए। किसी भी system में एक "Internal ऑडिट " का एक shedele होता है इसमें हर एक function का friquency के base पर audit किया जाता है।  यह किसी कंपनी में 3 month में एक बार या फिर 6 month में एक बार या फिर एक annualy साल में एक बार audit जरुर  किया जाता है। dearhindi.कॉम 

    अगर आप internal ऑडिट कर रहे है तो आपने जो assissment किया है उस एरिया की process की system को नजर में रखते हुए frequency को dynamik रखिये जो function या process आपको ज्यादा critical नजर आता है ज्यादा problem है ज्यादा issue है उसकी frequency को थोडा high रखिये जहा पर problem कम है वहा आपको frequency थोडा कम कर लेना चाहिए। aur kya hona chahiye kya hai 

    अलग अलग department में सभी aria का नाम लिखना होता है और फिर frequency decide किया जाता है की कौन कौन  से एरिया का कब कब ऑडिट किया जाय। अगर आप first time audit करते है तो आपको department का नाम कौन audit कर रहा है उसका नाम कब audit किया जायेगा उसका time and date fix किया जाता है।
    Second party audit:- 2nd  time ऑडिट तब होता है जब कोई customer अपने supplyer के यहाँ audit करने जाता है second party AUDIT basically customer और suppyler के बीच में होता है customer suppyer का audit करता है second party audit में customer और suppyler का business relationship होता है। 

    Third party ऑडिट :- इसमें एक external agency certification के purpuse से आपके कंपनी में ऑडिट करेगी काफी सारी agency है जो की आपके कंपनी का assessment (मूल्यांकन) करती है अगर आप criteria को fulfill करते है तो बाद में आपको इसका certificate दिया जाता है। third party audit में कोई business relationship नहीं होता है यह केवल certification के purpuse से आते है आपके system का assessment (मूल्यांकन) करते है। 
    • Layout audit-
    Layout ऑडिट में हर एक dimension को identified किया जाता है और उन्हें चेक किया जाता है चेक करने के बाद जो report तैयार होती है उसमे हम देखते है की कोई issue है की नहीं है अगर कुछ issue पाया जाता है तो हम उसपर Action लेते है और उसको Improve करते है उसका layout तैयार करते है इसे कहते है layout ऑडिट। 
    • Layered ऑडिट
    Layered ऑडिट में company के अलग अलग लोग audit करते है जैस किसी एक department का supervisor ऑडिट किया फिर बाद में HOD (head of department) ने ऑडिट किया इसके बाद में HR department  के लोग  ऑडिट करते है पूरे plant का head ऑडिट कर सकता है अलग अलग layer के लोग ऑडिट करते है इसलिए इसे लेयर्ड ऑडिट कहते है अलग अलग lable के लिए अलग अलग चेक लिस्ट हो सकती है या फिर single  चेक लिस्ट को crossverify भी कर सकते है।  
    • Dock-audit -  
    Dock-audit में हमारा जो finish good material होता है जो की dishpatch condition में होता है और हम यहाँ पर product का verification करते है जैसे packaging सही होना चाहिए box damage condition में नहीं होना चाहिए sticker या lable सही से लगा हुआ होना चाहिए quantity short नहीं होना चाहिए कुछ भी चेक कर सकते है इस condition में product के verification को हम dock audit कहते है यहाँ पर cross verification किया जाता है 100 % verification नहीं किया जाता है। 

    iso in hindi - certification of quality management kya hai

    iso in hindi certification of quality management kya hai quality management 9001 and 9008  iska full form  pdf language project  process in india
    Har vyakti ko yah janna bahut jaruri hota hai ki iso hota kya hai. iso certification kya hai aur kyo iski jarurat padti hai kya yah center government provide karti hai ya nahi.

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    ISO kya hai -

    ISO ka full form hota hai  (International Organization for Standardization) Yah ek international organization hai lekin jo certificate issu hota hai wo certificate iso nahi deta hai iso ek non government organization hai iske under jo bhi certificate issue hota hai wah shirf number mentain karta hai lekin aapko third party agency hi aapko iso ka certificate provide karti hai. agar aapko iso ka certificate lena hai to aapko direct iso se contact nahi karna hai iso kisi bhi company ya organzation ke liye certificate provide nahi karta hai. aap ise lene ke liye kisi certified agency ke dwara unse aap contact karke iso ka certificate le sakte hai.


    iso ek quality management system hai jo quallity management karati hai aapke compny apke system ko ya aapke education center ko iso quality management system deti hai aur yah independent non government organization hai yah government ka nahi hai yah non government organization hai iska government (sarkaar) se koi matlab nahi hai. iski 162 National standard  bodies ke paas iso ki membership hai. agar hame iso ka certificate lena hai to hame government ke pass nahi jaana hai india me iski membership 162 logo ke pass hai. in 162 member me se kisi bhi member se iso ka certificate le sakte hai government iso ka certificate provide nahi karti hai.
    ISO ke andar kya hota hai :-  Har ek country ka alag alag ek authorized unit hota hai  jaise india me BIS hai  Bureau of Indian Standards isme india me jo bhi kaam ho raha hai uska standard BIS hi nirdharit (deternined) karta hai. iso ka shirf certificate milne se aap apni company ko iso certified nahi kah sakte hai iske sath me ek srtandard number hota hai har ek product ya categry  ke liye alag alag ek number hota hai  jaise iso 9001or 9008 ese karke certificate milta hai.

    9001 quality managemant mentain karta hai and yah indicate karta hai ki iska quality sahi hai. yah certificate kewal quality ke liye valid hota hai iske bahut saare standard number hote hai jo ki alag alag kaam ke liye lag alag hote hai. iso ka certificate le lene se agar aap yah sochte hai ki  real me quality improve ho jayegi to ye bilkul galat hai.
    iso kya hai certification meaning in hindi iska fullform and pdf language. define iso in hindi so that means iso 9001: 2015 in hindi iske project kya companies information version standard 14001and  process and cost in india.
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    Quality
    Jab Bhi hum koi Product kharidte hai tab hamare man me yah baat sabse pahl aati hai ki kam se kam paise me Achhi Quality waala product hame mile jaise khane ka saaman ho ya khelne ka saaman ho kiraye (rent) se room lena ho kapde kharidna ya phir koi bhi Saaman jo hum purchase karte hai sabhi me Achhi Quality ka saaman lena pasand karte hai. Achhi quality ke saaman ki maag jyada  rahti hai Aur wah lambe samay tak chalta bhi Hai.statement

    Quality Policy
    Kisi bhi Company me jab hum jaate hai to company ke Gate par Board me us company ki quality policy likhi hui hoti Hai. Kyo ki yah company ke liye bahut jaruri hoti hai. Ise hame janna bahut jaruri hai quality policy ko samajhne ke Liye.

    Hame apni comany me kaaam karne ka tarika company me kya kaam hota hai aur kis tarah ki hum soch rakhte hai in sab ke baare me wah batata hai. 

    Quality policy me company ki common vichardhara hoti hai Aur wah sab ke liye ek hoti hai  chahe wah  kisi bhi Department me kaam karta ho kisi bhi lable pe kaam karte ho.

    Hum kisi bhi company ke policy ko padhege to usme ye points aapko jarur milege jisme sabse pahla point hota hai
    1.customer 2. customer satisfaction 3.continuval improvement,

    1. Customer- customer wo hota hai jo aapki servicess ko le raha hota hai  aap kisi bhi department me kaam karte ho production,quality maintenense HR aapka sabse pahla Maksad hota hai customer satisfaction uske liye yah janna bahut jaruri hai ki hamara customer kaun hai .
    Agar aap quality ke liye kaam karte hai to aapko yah dhyan me rakhna jaruri hai ki aapse part Handling karte samay part damage na ho.

    propper tarike se rakha jaaye jaha par uska nirdharit sthan hai waha par rakha jaay  aur aapagar production me kaam karte hai to aapko yah dhyan me rakhna bahut jaruri hai ki parts time to time produced hona chahiye jyada se jyada quandity me jis parts ki Requirement quality department  me hai wah part Suitable qty me hona chahiye Aisa nahi hona chahiye ki unhe jis parts ki jarurat hai wah time pe unhe na mile. Yaha Par company ke andar hum jike liye kaam karhe hai uski baat ho rahi hai.

    2. Customer Satisfaction-  kisi bhi business ki kamiyaabi uske customer satisfaction se hi nirdharit hoti hai company ka customer koi bhi ho sakta hai. Hum sab jo kaam karte hai Jamare liye inter department customers Hote hai jaise Maintenense ke liye production production ke iye quality quality ke liye FG(Finish Good)store customr hai is tarah se company me internal customer hote hai aur hamare liye sabse pahla kaam wah hona chahiye ki customer satisfaction. customer ko koi bhi problem na ho time to time delevry de achhi quality me delevry de .

    3 Continuval Improvement- Yaha par Hamse Ummid ki jaati hai ki hum apne process ko Lagataar improve karte rahe usme lagataar sudhar karte rahe prakrati ka ek niyam hai change aur change bahut jaruri hai agar hame is comptition me bane rahna hai Business me aage Badhna hai to hame  apne roj ke kaam me lagataar sudhar lekar aana hoga.  

    Quality Policy vicharo (idea) ka dhaga hai jo hum sab ko ek sutr me badh ke rakhta hai aur hum sabko ek disha me sochne ke liye prerit karta hai taaki hum apne apne Department me choti choti Activity ko jaane Customer ko jaane aur Unke satisfaction ko hasil karne ke liye cummited rahe aur apne kary me rojana sudhar lekar aaye Taaki hum apna apne pariwaar ka Apni Company ka Puri Duniya me Name kar sake. policy statement hindi

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    Yah quality policy ki Summary Hai jo hame batati hai  Ki Hame Daily kam karte samay apne customer ko dhyan me Rakhna hai aur uske Satisfaction ke liye puri mehnat se kaam karna hai.
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    8D problem solving techniques in hindi

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    Ford कंपनी ने 1980 में एक problem solving process को start किया था उसे 8D या Eight Discipline के नाम से जाना जाता है। 8D का प्रयोग करने के बाद यह इतना effective (प्रभावी)साबित हुआ की इसे ford कंपनी द्वारा इसे primary document  बानाया गया और ford company आज भी 8D problem solving techniques का उपयोग करती आ रही है।

    इसके द्वारा हम problem के कारणों को ख़तम करके quality को continusly improve कर सकते है। यह problem को solve करने में help करता है। इस 8D से हम future में आने वाली या present में आ रही problem को solve कर सकते है। 

    हमें 8D का प्रयोग कब करना चाहिए - जब यह स्पष्ट हो जाता है की हमारे product में defect है और यह हमारे customer को satisfy नहीं कर रहा है तब हम quality को सुधारने के लिए  8D problem solving techniques का प्रोयोग करते है। 
    • 8 Discipline कौन कौन से है -

    D1- Define The problem
    Problem को define करना
    D2- Build a Team 
    Team तैयार करना
    D3- Containment Action
    Action लेना इसे Interim Containment Action (ICA)
    D4- Determine the root cause
    Root cause को determaine करना
    D5- Verify the root cause 
     Root cause को verify करना
    D6-Permanent Corrective Action
    Permanent Corrective Action (PCA)लेना 
    D7- Prevention
    रोकना या निवारण करना
    D8-Congratulate the team 
    टीम को congratulate करना

    D1- Define The problem
    क्या हम जानते है actual में problem क्या है। और क्या इससे पहले भी हमने ऐसे problem को face किया है। problem से related हमारे पास क्या क्या evidence है। 

    D2- Build a Team
    एक बार हमें problem का पता चल गया तो हमें एक team जरूर बनानी चाहिए जो उस problem को पकड़ सके। और यह उन लोगो की team होनी चाहिए जिसको इस problem से related skil और knowledge हो।

    D3- Containment Action
    तुरंत कोई action लेना चाहिए जिससे काम को start किया जा सकेऔर क्या हमारे पास stock ज्यादा qty में है ताकि हमारे production पर कोई effect न पड़े। हमें ध्यान के रखना होगा हम जो भी manufacture कर रहे है उसमे same problem तो नहीं आ रही है या फिर हमने जो action लिया है प्रॉब्लम solve करने के लिए उससे कुछ दूसरी समस्या तो नहीं generate हो रही है। 

    D4- Determine the root cause
    क्या हमने problem के कारण को खोज लिया है और इस problem के एक कारण है या एक से ज्यादा। 

    D5- Verify the root cause
    क्या हम sure है हमने जो root cause खोजा है उस problem का real कारण वही है। 

    D6- Corrective Action
    जो हमने parmanent एक्शन लिया है उसके बारे में हमने सब को बता दिया है  और root cause को review करना और fmea में update करना और हमने जो temprery action लिया गया था उसे remove करना। 

    D7- Prevention
    हमने सभी action ले लिए है उस problem को रोकने के लिए ताकी वही problem दोबारा न आये हमने problem को same product और process से consider किया है। 

    D8-Congratulate the team
    टीम को feedback देना हर एक team member को problem में दिए गए योगदान के बारे में identify करवाना और problem solve करने के लिए team member के प्रयासों को सराहना  करना और Successful होने के बाद में team  साथ Celebrate करना।